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Shamli News: क्लेम न देने पर बीमा कंपनी पर 4.87 लाख का जुर्माना
Sat, 15 Aug 2026 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 15 Aug 2026 01:05 AM IST
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शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यूनिवर्सल बीमा कंपनी द्वारा दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त होने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने बीमा कंपनी पर चार लाख 87 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी बाशिद ने नौ जनवरी 2023 को आयोग में यूनिवर्सल सोम्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. ठाणे मुंबई, मारुति इंश्योरेंस ब्रोकिंग बसंतकुंज नई दिल्ली व राधा गोविंद मारुति सर्विस सेंटर मुजफ्फरनगर के विरुद्ध परिवाद दायर कराया।
परिवादी ने बताया उसने 24 जून 2020 में टीआर साहनी मोटर से कार खरीदी थी। कार का इंश्योरेंस मारुति इंश्योरेंस ब्रोकिंग द्वारा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कराया। उसने 2021 में पुन: कार का बीमा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को छोड़कर यूनिवर्सल बीमा कंपनी से कराया। यह इंश्योरेंस 27 जून 2022 तक वैध व प्रभावी था।
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बताया कि उनकी कार 29 मार्च 2022 में थानाभवन में मिल के निकट दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसमें उन्हें भी गंभीर चोट आई थी। कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना इंश्योरेंस कंपनी को दी और कार को राधा गोविंद मारुति मोटर्स सुजुकी के सर्विस सेंटर द्वारा बताए लेबर चार्ज 11800 रुपये अदा किए। परिवादी के मुताबिक दो अगस्त 2022 को मेल भेजकर क्लेम निरस्त कर दिया।
क्लेम निरस्त करने का कारण परिवादी को सह चालक की सीट पर होना बताया जबकि उस समय वे अकेले ही कार में थे। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने यूनिवर्सल बीमा कंपनी को बीमा पॉलिसी में वर्णित आईडीवी धनराशि 4,15,200, बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक 9% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ व लेबर चार्ज 11,800 तथा बीमा कंपनी के कृत्यों से परिवादी को हुई क्षति की क्षतिपूर्ति हेतु 50 हजार रुपये तथा परिवाद व्यय पांच हजार रुपये अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।
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कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी बाशिद ने नौ जनवरी 2023 को आयोग में यूनिवर्सल सोम्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. ठाणे मुंबई, मारुति इंश्योरेंस ब्रोकिंग बसंतकुंज नई दिल्ली व राधा गोविंद मारुति सर्विस सेंटर मुजफ्फरनगर के विरुद्ध परिवाद दायर कराया।
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परिवादी ने बताया उसने 24 जून 2020 में टीआर साहनी मोटर से कार खरीदी थी। कार का इंश्योरेंस मारुति इंश्योरेंस ब्रोकिंग द्वारा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कराया। उसने 2021 में पुन: कार का बीमा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को छोड़कर यूनिवर्सल बीमा कंपनी से कराया। यह इंश्योरेंस 27 जून 2022 तक वैध व प्रभावी था।
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बताया कि उनकी कार 29 मार्च 2022 में थानाभवन में मिल के निकट दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसमें उन्हें भी गंभीर चोट आई थी। कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना इंश्योरेंस कंपनी को दी और कार को राधा गोविंद मारुति मोटर्स सुजुकी के सर्विस सेंटर द्वारा बताए लेबर चार्ज 11800 रुपये अदा किए। परिवादी के मुताबिक दो अगस्त 2022 को मेल भेजकर क्लेम निरस्त कर दिया।
क्लेम निरस्त करने का कारण परिवादी को सह चालक की सीट पर होना बताया जबकि उस समय वे अकेले ही कार में थे। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने यूनिवर्सल बीमा कंपनी को बीमा पॉलिसी में वर्णित आईडीवी धनराशि 4,15,200, बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक 9% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ व लेबर चार्ज 11,800 तथा बीमा कंपनी के कृत्यों से परिवादी को हुई क्षति की क्षतिपूर्ति हेतु 50 हजार रुपये तथा परिवाद व्यय पांच हजार रुपये अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।