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Shamli News: यमुना ने गांव उजाड़ा, सीमा ने किसानों को उलझाया
Sat, 15 Aug 2026 01:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 15 Aug 2026 01:16 AM IST
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हरियाणा यूपी सीमा...कबीरपुर गांव
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शामली/बिडौली। आजादी के 79 वर्ष बाद भी यमुना किनारे बसे कबीरपुर उर्फ ख्वाजपुरा गांव के किसान दो राज्यों के बीच उलझे होने से सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव उत्तर प्रदेश के शामली जिले के झिंझाना क्षेत्र में है, जबकि करीब पांच हजार बीघा कृषि भूमि हरियाणा के करनाल जिले की घरौंडा तहसील क्षेत्र में है।
शामली से करीब 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित करीब ढाई हजार की आबादी वाले इस गुर्जर बहुल गांव के अधिकांश परिवार खेती पर निर्भर हैं। ग्रामीणों के अनुसार यमुना की बाढ़ ने वर्ष 1978, 1983 और 1993 में गांव को तीन बार उजाड़ दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा अपने मकान बनाए और गांव बसाया, लेकिन इस प्रक्रिया में उनकी कृषि भूमि हरियाणा में रह गई और उनका निवास उत्तर प्रदेश की सीमा में हो गया। किसानों का कहना है कि जब वे किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड या खेतों के लिए बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं के लिए हरियाणा के अधिकारियों से संपर्क करते हैं तो उन्हें यूपी का निवासी बताकर लौटा दिया जाता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से संपर्क करने पर जमीन हरियाणा में होने की बात कहकर संबंधित विभाग से संपर्क करने के लिए कहा जाता है। संवाद
बोले ग्रामीण
अब्बास हसन ने बताया कि यमुना की बाढ़ ने गांव को तीन बार उजाड़ दिया। हर बार ग्रामीणों ने मेहनत कर गांव दोबारा बसाया, लेकिन आज जमीन हरियाणा में और मकान यूपी में होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो गया है।
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ताहिर हसन ने बताया कि हरियाणा में सुविधा मांगने पर यूपी का पता बताकर लौटा दिया जाता है और यूपी में जमीन हरियाणा में होने की बात कही जाती है। किसान आखिर जाए तो जाए कहां।
इस्राइल ने बताया कि सीमा की स्थिति के कारण किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। दोनों राज्यों के प्रशासन को मिलकर इसका समाधान करना चाहिए।
आलिम ने बताया कि किसान वोट डालते हैं, खेती करते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं।
कबीरपुर के ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस संबंध में हरियाणा प्रशासन से भी बात की जाएगी। प्रयास रहेगा कि ग्रामीणों को परेशान न होना पड़े।
आलोक यादव, जिलाधिकारी
गांव के 90 प्रतिशत से अधिक किसान योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। कई बार करनाल और शामली प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है। अब हरियाणा और यूपी के मुख्यमंत्री से समाधान की मांग की गई है।
नासिर अली, ग्राम प्रधान कबीरपुर
कबीरपुर के ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर किसानों की समस्या रखी जाएगी।
नाहिद हसन, विधायक कैराना
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शामली से करीब 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित करीब ढाई हजार की आबादी वाले इस गुर्जर बहुल गांव के अधिकांश परिवार खेती पर निर्भर हैं। ग्रामीणों के अनुसार यमुना की बाढ़ ने वर्ष 1978, 1983 और 1993 में गांव को तीन बार उजाड़ दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा अपने मकान बनाए और गांव बसाया, लेकिन इस प्रक्रिया में उनकी कृषि भूमि हरियाणा में रह गई और उनका निवास उत्तर प्रदेश की सीमा में हो गया। किसानों का कहना है कि जब वे किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड या खेतों के लिए बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं के लिए हरियाणा के अधिकारियों से संपर्क करते हैं तो उन्हें यूपी का निवासी बताकर लौटा दिया जाता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से संपर्क करने पर जमीन हरियाणा में होने की बात कहकर संबंधित विभाग से संपर्क करने के लिए कहा जाता है। संवाद
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बोले ग्रामीण
अब्बास हसन ने बताया कि यमुना की बाढ़ ने गांव को तीन बार उजाड़ दिया। हर बार ग्रामीणों ने मेहनत कर गांव दोबारा बसाया, लेकिन आज जमीन हरियाणा में और मकान यूपी में होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो गया है।
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ताहिर हसन ने बताया कि हरियाणा में सुविधा मांगने पर यूपी का पता बताकर लौटा दिया जाता है और यूपी में जमीन हरियाणा में होने की बात कही जाती है। किसान आखिर जाए तो जाए कहां।
इस्राइल ने बताया कि सीमा की स्थिति के कारण किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। दोनों राज्यों के प्रशासन को मिलकर इसका समाधान करना चाहिए।
आलिम ने बताया कि किसान वोट डालते हैं, खेती करते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं।
कबीरपुर के ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस संबंध में हरियाणा प्रशासन से भी बात की जाएगी। प्रयास रहेगा कि ग्रामीणों को परेशान न होना पड़े।
आलोक यादव, जिलाधिकारी
गांव के 90 प्रतिशत से अधिक किसान योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। कई बार करनाल और शामली प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है। अब हरियाणा और यूपी के मुख्यमंत्री से समाधान की मांग की गई है।
नासिर अली, ग्राम प्रधान कबीरपुर
कबीरपुर के ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर किसानों की समस्या रखी जाएगी।
नाहिद हसन, विधायक कैराना