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Shamli News: जीएसटी चोरी में जांच तेज, कागजी कंपनी के संचालकों की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:12 AM IST
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जलालाबाद। कस्बे के दुलावा मार्ग स्थित खेत में कागजों पर एमएस ग्रीन ट्रेडिंग कंपनी संचालित दिखाकर जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस और राज्य कर विभाग की जांच और तेज हो गई है। मामले में फर्म के वास्तविक संचालकों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है।
थानाभवन पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह साफ हो चुका है कि जिस स्थान पर कंपनी का संचालन दर्शाया गया है, वहां वास्तव में कोई औद्योगिक या व्यापारिक गतिविधि नहीं है, बल्कि खेती की जा रही है। ऐसे में फर्म के दस्तावेजों और मौके की स्थिति में भारी अंतर पाया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्म द्वारा बिना किसी वास्तविक माल के लेन-देन के केवल कागजी बिल जारी किए गए और इन्हीं के आधार पर फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिया गया। इस प्रक्रिया से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। राज्य कर विभाग पहले ही इस मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 को मिलाकर दो करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी निर्धारित कर चुका है। विभाग की तहरीर पर थानाभवन थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी का कहना है कि फर्म से जुड़े बैंक खाते, दस्तावेज और लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में यह भी सामने आया है कि फर्म द्वारा बिना किसी वास्तविक माल के लेन-देन के केवल कागजी बिल जारी किए गए और इन्हीं के आधार पर फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिया गया। इस प्रक्रिया से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। राज्य कर विभाग पहले ही इस मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 को मिलाकर दो करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी निर्धारित कर चुका है। विभाग की तहरीर पर थानाभवन थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी का कहना है कि फर्म से जुड़े बैंक खाते, दस्तावेज और लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।