महाशिवरात्रि के दिन मंगलवार सुबह से ही मेरठ में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में घने बादल छाए और कुछ देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई। लगातार बारिश से मौसम सुहाना हो गया और पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिली। ठंडी हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में भी गिरावट महसूस की गई।
Meerut: महाशिवरात्रि पर तेज बारिश से मेरठ बेहाल, सड़कें बनीं तालाब; कांवड़ियों ने बरसते पानी में किया जलाभिषेक
महाशिवरात्रि पर मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश ने मेरठ में जनजीवन प्रभावित कर दिया। शहर के कई प्रमुख मार्गों और इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि कांवड़ियों ने बारिश की परवाह किए बिना शिवालयों का रुख किया।
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बरसते पानी में कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
तेज बारिश का असर महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों के जलाभिषेक पर भी दिखाई दिया। सदर स्थित ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर में सुबह कांवड़ियों की लंबी लाइन लगी थी, लेकिन बारिश तेज होने के साथ श्रद्धालुओं ने तेजी से जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। कांवड़िए बारिश में भीगते हुए भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे।
बारिश के कारण आम श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रही। इसका असर मंदिर परिसर में साफ दिखाई दिया। जहां सुबह कांवड़ियों की लंबी कतार थी, वहीं करीब 10 बजे तक मंदिर परिसर लगभग खाली हो गया और जलाभिषेक के लिए लाइन भी नजर नहीं आई। मंदिर के बाहर भी जलभराव के बीच कांवड़िए गुजरते दिखाई दिए।
तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया। कंकरखेड़ा और सदर के मुख्य मार्गों पर कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। दुकानों के अंदर तक पानी पहुंचने से व्यापारियों को भी परेशानी हुई। जली कोठी और शहीद स्मारक के सामने कई मोटरसाइकिल और वाहन पानी में बंद हो गए।
ईदगाह चौराहा, मेट्रो प्लाजा, फुटबॉल चौक और बच्चा पार्क क्षेत्र में भी जलभराव देखने को मिला। बच्चा पार्क पर जलभराव के साथ यातायात प्रभावित हुआ। वहीं शारदा रोड चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे तक भी पानी भरने के कारण लोगों को परेशानी हुई। कुछ लोगों ने आवागमन के लिए कांवड़ मार्ग का सहारा लिया।
बारिश का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में दिखाई दिया। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में कई घरों में पानी भरने की शिकायत सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों बाद इस तरह की स्थिति देखने को मिली है। पानी घरों में पहुंचने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
शास्त्री नगर सेक्टर-7 में भी बारिश का पानी कई मकानों के अंदर तक पहुंच गया। लोगों के किचन और बेडरूम तक पानी भरने से घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि हाल में बनाए गए नालों की ऊंचाई अधिक होने के कारण गलियां अपेक्षाकृत नीची रह गईं, जिससे बारिश का पानी नालों में जाने के बजाय सड़कों और घरों की ओर बह गया।
दिल्ली रोड पर भी तेज बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर गया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे शिवभक्तों को भी जलभराव के बीच से होकर शिवालयों की ओर जाना पड़ा। नागेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी नाले के गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मोकमपुर के आसपास भी जलभराव की स्थिति रही। सदर के बुंदेला बाजार, ढोलकी मोहल्ला और सर्राफा बाजार में भी बारिश का पानी जमा हो गया। कई जगह वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा।