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Shamli News: डीएम के आदेश पर महिला के बीमार पुत्र का तीन घंटे में बन गया आयुष्मान कार्ड
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- महिला ने बेटे के इलाज के लिए डीएम से आर्थिक सहायता की लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। गांव खेड़ीकरमू निवासी महिला ने अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए डीएम आलोक यादव से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर आयुष्मान टीम ने लखनऊ कार्यालय से संपर्क किया और तीन घंटे में आयुष्मान कार्ड बनाकर पीड़िता को उपलब्ध कराया।
पीड़िता चांदनी ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान डीएम से मिलकर बताया कि उसका बेटा आंत के कैंसर से पीड़ित है। उसने बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए गुहार लगाई। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील और उनकी टीम को आयुष्मान कार्ड जारी करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच में पाया गया कि चांदनी व उसके पति का नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में है और उनका कार्ड बना हुआ है, लेकिन उनके पुत्र रवि का नाम आयुष्मान सूची में नहीं पाया गया। जांच करने पर पता चला कि महिला के पुत्र का नाम जोड़ने की योजना की सभी शर्तें पूरी हो रही हैं। इसके बाद लखनऊ कार्यालय से समन्वय कर उनके पुत्र रवि कुमार का आयुष्मान योजना में जोड़कर तीन घंटे बाद आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया गया। आयुष्मान कार्ड बनने पर पीड़िता अपने बेटे का पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार करा सकेगी। पीड़िता व उसके परिवार ने डीएम और आयुष्मान भारत टीम का आभार व्यक्त किया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। गांव खेड़ीकरमू निवासी महिला ने अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए डीएम आलोक यादव से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर आयुष्मान टीम ने लखनऊ कार्यालय से संपर्क किया और तीन घंटे में आयुष्मान कार्ड बनाकर पीड़िता को उपलब्ध कराया।
पीड़िता चांदनी ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान डीएम से मिलकर बताया कि उसका बेटा आंत के कैंसर से पीड़ित है। उसने बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए गुहार लगाई। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील और उनकी टीम को आयुष्मान कार्ड जारी करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच में पाया गया कि चांदनी व उसके पति का नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में है और उनका कार्ड बना हुआ है, लेकिन उनके पुत्र रवि का नाम आयुष्मान सूची में नहीं पाया गया। जांच करने पर पता चला कि महिला के पुत्र का नाम जोड़ने की योजना की सभी शर्तें पूरी हो रही हैं। इसके बाद लखनऊ कार्यालय से समन्वय कर उनके पुत्र रवि कुमार का आयुष्मान योजना में जोड़कर तीन घंटे बाद आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया गया। आयुष्मान कार्ड बनने पर पीड़िता अपने बेटे का पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार करा सकेगी। पीड़िता व उसके परिवार ने डीएम और आयुष्मान भारत टीम का आभार व्यक्त किया गया।
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