{"_id":"69f25a2601c613cea40a20ad","slug":"opposition-celebrating-after-crushing-womens-rights-sushma-singh-shamli-news-c-26-1-smrt1048-164408-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के अधिकारों को कुचलने के बाद जश्न मना रहा विपक्ष : सुषमा सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं के अधिकारों को कुचलने के बाद जश्न मना रहा विपक्ष : सुषमा सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। प्रदेश की राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित न होने पर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी व अन्य विपक्षी दलों ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता।
नगरपालिका सभागार में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सुषमा सिंह ने कहा कि विपक्ष महिलाओं के राजनीतिक अधिकार को कुचलने के बाद जश्न मना रहा है। देश की महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण का हक रखती है। जब 2010 में केंद्र सरकार के द्वारा राज्यसभा में महिला के समर्थन में एक विधेयक लाया गया था तो, भाजपा ने उसका समर्थन किया था, लेकिन कांग्रेस ने जानबूझकर लोकसभा में इस विधेयक को पारित नहीं कराया था। महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार को समर्थन देने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब महिला आरक्षण को लेकर कागजों की बात आती है, तो विपक्ष भाग जाता है।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति की सदस्य मंजू दिलेर ने कहा कि आरक्षण महिलाओं का अधिकार है। महिलाएं प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक समेत विभिन्न क्षेत्रों में बराबर की हिस्सेदारी रखती है, तो उन्हें कानूनी रूप से भी अधिकार मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस विषय को लेकर चलते हैं तो वह उसे पूरा कराकर ही रहते हैं और देश की महिलाओं को प्रधानमंत्री से उम्मीद है जल्दी ही इस विधेयक को पारित करा ही लेंगे।
Trending Videos
शामली। प्रदेश की राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित न होने पर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी व अन्य विपक्षी दलों ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता।
नगरपालिका सभागार में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सुषमा सिंह ने कहा कि विपक्ष महिलाओं के राजनीतिक अधिकार को कुचलने के बाद जश्न मना रहा है। देश की महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण का हक रखती है। जब 2010 में केंद्र सरकार के द्वारा राज्यसभा में महिला के समर्थन में एक विधेयक लाया गया था तो, भाजपा ने उसका समर्थन किया था, लेकिन कांग्रेस ने जानबूझकर लोकसभा में इस विधेयक को पारित नहीं कराया था। महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार को समर्थन देने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब महिला आरक्षण को लेकर कागजों की बात आती है, तो विपक्ष भाग जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा प्रदेश कार्य समिति की सदस्य मंजू दिलेर ने कहा कि आरक्षण महिलाओं का अधिकार है। महिलाएं प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक समेत विभिन्न क्षेत्रों में बराबर की हिस्सेदारी रखती है, तो उन्हें कानूनी रूप से भी अधिकार मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस विषय को लेकर चलते हैं तो वह उसे पूरा कराकर ही रहते हैं और देश की महिलाओं को प्रधानमंत्री से उम्मीद है जल्दी ही इस विधेयक को पारित करा ही लेंगे।
