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Shamli News: बिना मान्यता के चल रहा विद्यालय सील, कई अन्य में मिलीं अनियमितताएं
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इंपेक्ट...अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
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बीएसए ने अमर उजाला की खबर पर लिया संज्ञान, टीमें गठित कर विद्यालयों का कराया औचक निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में चल रहे अमान्य विद्यालयों को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर बीएसए ने संज्ञान लिया। बीएसए ने टीमों का गठन कर विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय बिना मान्यता के चलते हुए पाए जाने पर तालाबंदी की गई जबकि एक अन्य विद्यालय में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने पर विद्यालय संचालक के विरुद्ध जांच के निर्देश दिए गए। एक विद्यालय में छत पर टीन शेड में बच्चे पढ़ते मिले और पीएम श्री दो विद्यालयों में गंदगी व अव्यवस्था मिली।
अमर उजाला ने 22 अप्रैल को स्टिंग कर स्कूलों में हो रही पढ़ाई कागजों पर ताला शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर पर संज्ञान लेकर बीएसए लता राठौर ने अनधिकृत रूप से चल रहे स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों की विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया। टीमों ने विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया।
बीएसए ने बताया कि कैराना ब्लाॅक के कल्याण देव एकेडमी शेखपुरा बिना मान्यता के कक्षा छह से दस तक चलता हुआ पाया गया। मौके पर 50 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन होना पाए जाने पर टीम ने तत्काल प्रभाव से विद्यालय पर तालाबंदी की कार्रवाई की गई। साथ ही बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें निकटवर्ती सरकारी परिषदीय विद्यालयों में समायोजित करने के निर्देश दिए गए।
कांधला ब्लाॅक के सीडीएस इंटरनेशनल स्कूल डुंडुखेड़ा के पास केवल कक्षा एक से आठ तक की मान्यता है, लेकिन प्रबंधन द्वारा आर्थिक लाभ हेतु नियम विरुद्ध तरीके से कक्षा नौ व 10 का संचालन किया जा रहा था। इन अवैध कक्षाओं को तत्काल बंद कराने के साथ ही विद्यालय संचालक के विरुद्ध गंभीर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।
जनता जूनियर हाईस्कूल कंडेला कैराना के निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय की द्वितीय मंजिल पर असुरक्षित टिन शेड और घरेलू स्वरूप के कमरों में कक्षाएं संचालित की जा रही थी, जो किसी भी समय अप्रिय घटना का कारण बन सकती है। छात्रों के जीवन को जोखिम में डालने के इस कृत्य पर विद्यालय प्रबंधन पर अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय डुंडूखेड़ा में पंजीकृत 320 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष मात्र 117 छात्र लगभग 36 प्रतिशत उपस्थित मिले, जो अत्यंत निराशाजनक है। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय शेखपुरा में शिक्षण का स्तर मानकों से बहुत नीचे पाया गया। दोनों विद्यालयों में गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया।
बीएसए ने कहा कि जिले में कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित नहीं होगा और नही मान्यता की शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों का नामांकन कराने से पूर्व विद्यालय की मान्यता की जांच अवश्य कर लें। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में चल रहे अमान्य विद्यालयों को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर बीएसए ने संज्ञान लिया। बीएसए ने टीमों का गठन कर विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय बिना मान्यता के चलते हुए पाए जाने पर तालाबंदी की गई जबकि एक अन्य विद्यालय में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने पर विद्यालय संचालक के विरुद्ध जांच के निर्देश दिए गए। एक विद्यालय में छत पर टीन शेड में बच्चे पढ़ते मिले और पीएम श्री दो विद्यालयों में गंदगी व अव्यवस्था मिली।
अमर उजाला ने 22 अप्रैल को स्टिंग कर स्कूलों में हो रही पढ़ाई कागजों पर ताला शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर पर संज्ञान लेकर बीएसए लता राठौर ने अनधिकृत रूप से चल रहे स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों की विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया। टीमों ने विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया।
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बीएसए ने बताया कि कैराना ब्लाॅक के कल्याण देव एकेडमी शेखपुरा बिना मान्यता के कक्षा छह से दस तक चलता हुआ पाया गया। मौके पर 50 छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन होना पाए जाने पर टीम ने तत्काल प्रभाव से विद्यालय पर तालाबंदी की कार्रवाई की गई। साथ ही बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें निकटवर्ती सरकारी परिषदीय विद्यालयों में समायोजित करने के निर्देश दिए गए।
कांधला ब्लाॅक के सीडीएस इंटरनेशनल स्कूल डुंडुखेड़ा के पास केवल कक्षा एक से आठ तक की मान्यता है, लेकिन प्रबंधन द्वारा आर्थिक लाभ हेतु नियम विरुद्ध तरीके से कक्षा नौ व 10 का संचालन किया जा रहा था। इन अवैध कक्षाओं को तत्काल बंद कराने के साथ ही विद्यालय संचालक के विरुद्ध गंभीर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।
जनता जूनियर हाईस्कूल कंडेला कैराना के निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय की द्वितीय मंजिल पर असुरक्षित टिन शेड और घरेलू स्वरूप के कमरों में कक्षाएं संचालित की जा रही थी, जो किसी भी समय अप्रिय घटना का कारण बन सकती है। छात्रों के जीवन को जोखिम में डालने के इस कृत्य पर विद्यालय प्रबंधन पर अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय डुंडूखेड़ा में पंजीकृत 320 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष मात्र 117 छात्र लगभग 36 प्रतिशत उपस्थित मिले, जो अत्यंत निराशाजनक है। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय शेखपुरा में शिक्षण का स्तर मानकों से बहुत नीचे पाया गया। दोनों विद्यालयों में गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया।
बीएसए ने कहा कि जिले में कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित नहीं होगा और नही मान्यता की शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों का नामांकन कराने से पूर्व विद्यालय की मान्यता की जांच अवश्य कर लें। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।
