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Shamli News: शहर से बाहर शिफ्ट हुए रोडवेज-प्राइवेट बस अड्डे, जेब पर बढ़ा बोझ
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शामली के दिल्ली रोड पर सुनसान पड़ा बस अड्डा। संवाद
- फोटो : 1
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- यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें कांवड़ यात्रा के चलते बदली व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के भीतर संचालित रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डों को अस्थायी रूप से शहर से बाहर स्थानांतरित कर दिया है। इसके चलते आम यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अस्थायी बस अड्डों तक पहुंचने के लिए लोगों को ऑटो और ई-रिक्शा का दो से तीन गुना तक किराया चुकाना पड़ रहा है।
प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार से मेरठ जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन सिंभालका बाईपास, सहारनपुर, गंगोह और बिजनौर मार्ग की बसों का संचालन साईंधाम बाईपास, जबकि दिल्ली, लोनी, पानीपत और करनाल जाने वाली बसों का संचालन बलवा चौक से कराया। शहर के पुराने रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डों पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
यूपी रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर बस अड्डों को अस्थायी रूप से शहर से बाहर शिफ्ट किया गया है। यात्रियों को अस्थायी बस अड्डों तक पहुंचने के लिए 30 रुपये या उससे अधिक किराया देकर ऑटो या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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इंसेट
- 50 फीसदी प्राइवेट बसों का संचालन भी प्रभावित
प्राइवेट बस संचालक योगेंद्र कुमार ने बताया कि शामली से मुजफ्फरनगर, कैराना, ऊन, चौसाना, बिडौली और गढ़ीपुख्ता मार्ग की कई प्राइवेट बसों का संचालन फिलहाल बंद है। वहीं लोनी मार्ग के बस संचालक सुरेश राणा के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या कम होने से करीब 50 प्रतिशत बसों का संचालन रोक दिया गया है। इससे अन्य मार्गों के यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के भीतर संचालित रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डों को अस्थायी रूप से शहर से बाहर स्थानांतरित कर दिया है। इसके चलते आम यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अस्थायी बस अड्डों तक पहुंचने के लिए लोगों को ऑटो और ई-रिक्शा का दो से तीन गुना तक किराया चुकाना पड़ रहा है।
प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार से मेरठ जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन सिंभालका बाईपास, सहारनपुर, गंगोह और बिजनौर मार्ग की बसों का संचालन साईंधाम बाईपास, जबकि दिल्ली, लोनी, पानीपत और करनाल जाने वाली बसों का संचालन बलवा चौक से कराया। शहर के पुराने रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डों पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
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यूपी रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर बस अड्डों को अस्थायी रूप से शहर से बाहर शिफ्ट किया गया है। यात्रियों को अस्थायी बस अड्डों तक पहुंचने के लिए 30 रुपये या उससे अधिक किराया देकर ऑटो या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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- 50 फीसदी प्राइवेट बसों का संचालन भी प्रभावित
प्राइवेट बस संचालक योगेंद्र कुमार ने बताया कि शामली से मुजफ्फरनगर, कैराना, ऊन, चौसाना, बिडौली और गढ़ीपुख्ता मार्ग की कई प्राइवेट बसों का संचालन फिलहाल बंद है। वहीं लोनी मार्ग के बस संचालक सुरेश राणा के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या कम होने से करीब 50 प्रतिशत बसों का संचालन रोक दिया गया है। इससे अन्य मार्गों के यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।