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Shamli: सीएमओ का दावा- 3 बार चिट्ठी लिखने पर भी मेसर्स पदमलता ने नहीं कराई अस्पतालों की मरम्मत, ये बोले विधायक

अमर उजाला नेटवर्क, शामली Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 18 Mar 2026 09:18 AM IST
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सार

Dispute between BJP MLA Devendra Nim and CMO Dr. Anil Kumar: भाजपा विधायक देवेंद्र निम और सीएमओ डॉ. अनिल कुमार के बीच ठेका विवाद लखनऊ तक पहुंच गया है। सीडीओ की जांच में बिना टेंडर राजकीय अस्पतालों की मरम्मत कराने की पुष्टि हुई है। डीएम का कहना है कि शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। 

Shamli: CMO's claim - M/s Padmalata did not get the hospitals repaired even after writing letter 3 times
भाजपा विधायक देवेंद्र निम और सीएमओ डॉ. अनिल कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

                                
                
                
                 
                    
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भाजपा विधायक देवेंद्र निम और सीएमओ डॉ. अनिल कुमार के बीच जिले के सरकारी अस्पतालों की मरम्मत का ठेका विवाद लखनऊ पहुंच गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को इस प्रकरण से अवगत कराने के बाद सीएमओ ने मंगलवार को एक बार फिर खुद को बेदाग बताया। सीएमओ ने कहा कि विधायक की मां के नाम वाली फर्म मेसर्स पदमलता को तीन बार पत्र लिखने के बाद भी जब काम नहीं कराया गया, तब नियमानुसार द्वितीय निविदादाता को उसी दर पर कार्य आवंटित किया गया। जबकि, विधायक ने सीएमओ के दावे को झूठा करार दिया और कहा कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह शासन से इसकी शिकायत करेंगे।

मंगलवार को सीएमओ ने इस मामले में सफाई दी। सीएमओ ने बताया कि विधायक की माता के नाम वाली फर्म मेसर्स पदमलता निम को कार्य आवंटित किया गया था, लेकिन इस फर्म ने काम शुरू नहीं किया। इस संबंध में तीन बार पत्र भी भेजे गए, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तब जनहित में दूसरी फर्म मेसर्स प्रदीप कुमार को टेंडर में निर्धारित दरों पर कार्य आवंटित किया गया।
 
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वहीं, विधायक देवेंद्र निम ने सीएमओ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सीएमओ ने पांच करोड़ रुपये से अधिक के कार्य बिना टेंडर के कराए हैं। शामली के मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच समिति में भी यह तथ्य सामने आ चुका है। सीएमओ अब खुद को बचाने के लिए उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। विधायक का कहना है कि न तो उन्हें और न ही उनकी माता के नाम कोई पत्र भेजा गया। यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह शासन स्तर तक शिकायत करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
 

ये है मामला
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी अस्पतालों में मरम्मत कार्य के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। विधायक देवेंद्र निम ने आरोप लगाया था कि ये कार्य बिना टेंडर के कराए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने जांच की, जिसमें बिना टेंडर के कार्य होने की बात सामने आई। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।

ये बोले सीएमओ
भाजपा विधायक नियम विरुद्ध ठेका दिलाने का उन पर दबाव बना रहे थे। जब काम नहीं दिया गया तो उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर शिकायत की गई। एक बार टेंडर जारी होने के बाद उसी दर पर दूसरी फर्म काम करने को तैयार थी, इसलिए दोबारा टेंडर निकालने का कोई औचित्य नहीं था। उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
- डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ।
 

डीएम ने ये कहा
बिना टेंडर के सीएमओ द्वारा कार्य कराए जाने की बात कमेटी की जांच में सामने आई है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से ही होगी। - - अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी, शामली
 
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