{"_id":"6981dd5c38338433830e4e40","slug":"shamli-young-man-sent-to-thailand-on-the-pretext-of-job-held-hostage-in-myanmar-and-committed-cyber-crime-2026-02-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shamli: नौकरी का झांसा देकर युवक को थाईलैंड भेजा, म्यांमार में बंधक बनाकर कराया साइबर अपराध, ऐसे छूटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli: नौकरी का झांसा देकर युवक को थाईलैंड भेजा, म्यांमार में बंधक बनाकर कराया साइबर अपराध, ऐसे छूटा
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 03 Feb 2026 05:05 PM IST
विज्ञापन
सार
शहर के मोहल्ला पंसारियान निवासी फरीद को दो एजेंटों ने रुपये लेकर थाईलैंड भेजा। वहां से उसे पानी के रास्ते म्यांमार भेजकर साइबर अपराध कराया गया। थाइलैंड और म्यांमार की सेना ने उसे छुड़ाया और भारत वापस भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
cyber crime cyber fraud
- फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन
विस्तार
नौकरी का सुनहरा अवसर बताकर एक युवक को थाईलैंड भेजा गया, जहां से उसे अवैध रूप से म्यांमार ले जाया गया। वहां उसे बंधक बनाकर साइबर अपराध कराया गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एजेंट सहित दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Trending Videos
शामली शहर के मोहल्ला पंसारियान निवासी फरीद ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2024 में वह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर काम करता था। उसी दौरान उसके दोस्त प्रकाश, जो बिहार का रहने वाला है, ने उसे थाईलैंड में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का प्रस्ताव दिया। प्रकाश ने बताया कि उसे 25 से 30 हजार थाईलैंड की करेंसी में मासिक वेतन मिलेगा, साथ ही खाना-पीना और अन्य खर्चे कंपनी द्वारा उठाए जाएंगे। प्रकाश ने यह भी बताया कि वहां पहले से ही कुछ भारतीय लड़के काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद, प्रकाश ने राजस्थान निवासी एजेंट कन्हैया गुर्जर से फरीद का संपर्क कराया। एजेंट ने फरीद का बायोडाटा और वीडियो लिया और जूम एप के माध्यम से थाईलैंड से उसका इंटरव्यू कराया। इंटरव्यू लेने वाले ने अपना चेहरा छिपा रखा था। इंटरव्यू पास होने के बाद, एजेंट ने फरीद के थाईलैंड के लिए टिकट कराए। 25 जनवरी 2025 को फरीद दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से स्पाइस जेट की फ्लाइट से थाईलैंड के लिए रवाना हुआ।
थाईलैंड पहुंचने पर, उसे एक स्थानीय निवासी ने रिसीव किया और दो दिन एक रिसॉर्ट में रखा गया। इसके बाद, उसे मैसोर्ट नामक स्थान पर भेजा गया और अगले दिन पानी के रास्ते म्यांमार पहुंचा दिया गया। म्यांमार पहुंचते ही उसके सभी दस्तावेज जब्त कर लिए गए।
साइबर अपराध में जबरन लिप्त कराया
फरीद को कंप्यूटर ऑपरेटर का काम बताने के बहाने उससे साइबर अटैकिंग का काम कराया गया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे बताया गया कि उसे इसी काम के लिए बुलाया गया है और अगर वह काम नहीं करेगा तो उसे बंधक बनाकर रखा जाएगा। उसे 15-20 दिन तक लोगों से डॉलर में निवेश कराने के तरीके सिखाए गए।
जब फरीद को एहसास हुआ कि उससे गलत काम कराया जा रहा है, तो उसने भारत वापस जाने की इच्छा जताई। इसके बाद, उसे गाली-गलौज, मारपीट का सामना करना पड़ा और जान से मारने की धमकी दी गई। उससे दस लाख रुपये की मांग की गई और कहा गया कि जब तक वह पैसे नहीं देगा, तब तक उसे जाने नहीं दिया जाएगा।
फरीद को कंप्यूटर ऑपरेटर का काम बताने के बहाने उससे साइबर अटैकिंग का काम कराया गया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे बताया गया कि उसे इसी काम के लिए बुलाया गया है और अगर वह काम नहीं करेगा तो उसे बंधक बनाकर रखा जाएगा। उसे 15-20 दिन तक लोगों से डॉलर में निवेश कराने के तरीके सिखाए गए।
जब फरीद को एहसास हुआ कि उससे गलत काम कराया जा रहा है, तो उसने भारत वापस जाने की इच्छा जताई। इसके बाद, उसे गाली-गलौज, मारपीट का सामना करना पड़ा और जान से मारने की धमकी दी गई। उससे दस लाख रुपये की मांग की गई और कहा गया कि जब तक वह पैसे नहीं देगा, तब तक उसे जाने नहीं दिया जाएगा।
बचाव और पुलिस कार्रवाई
22 फरवरी को थाइलैंड और म्यांमार की सेना ने एक संयुक्त बचाव अभियान चलाकर फरीद को मुक्त कराया। इसके बाद, वह 10 से 20 दिन तक सेना के कैंप में रहा। 10 मार्च को भारतीय वायु सेना उसे गाजियाबाद ले आई। पूछताछ के बाद 11 मार्च को उसे शामली भेजा गया।
फरीद का आरोप है कि प्रकाश और कन्हैया गुर्जर ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की और उसे अवैध रूप से थाईलैंड के रास्ते म्यांमार की सीमा पार करवाकर तस्करी के रूप में वहां ले गए। वहां उसे जबरदस्ती साइबर अपराध में लिप्त कर गुलामों की तरह काम कराया गया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि इस तरह के मामलों में विवेचना चल रही है। आरोपियों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिनमें से ज्यादातर वर्तमान में विदेश में रह रहे हैं। भारत सरकार के एम पोर्टल पर शिकायत अपलोड की जाएगी और आरोपियों के वारंट जारी कराकर विदेश की सरकारों के माध्यम से उन्हें नोटिस तामील कराए जाएंगे।
22 फरवरी को थाइलैंड और म्यांमार की सेना ने एक संयुक्त बचाव अभियान चलाकर फरीद को मुक्त कराया। इसके बाद, वह 10 से 20 दिन तक सेना के कैंप में रहा। 10 मार्च को भारतीय वायु सेना उसे गाजियाबाद ले आई। पूछताछ के बाद 11 मार्च को उसे शामली भेजा गया।
फरीद का आरोप है कि प्रकाश और कन्हैया गुर्जर ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की और उसे अवैध रूप से थाईलैंड के रास्ते म्यांमार की सीमा पार करवाकर तस्करी के रूप में वहां ले गए। वहां उसे जबरदस्ती साइबर अपराध में लिप्त कर गुलामों की तरह काम कराया गया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि इस तरह के मामलों में विवेचना चल रही है। आरोपियों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिनमें से ज्यादातर वर्तमान में विदेश में रह रहे हैं। भारत सरकार के एम पोर्टल पर शिकायत अपलोड की जाएगी और आरोपियों के वारंट जारी कराकर विदेश की सरकारों के माध्यम से उन्हें नोटिस तामील कराए जाएंगे।
