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Shamli News: चीनी मिलों पर 225.71 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:49 AM IST
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शामली। जिले की चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र को 78 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन किसानों का भुगतान अब भी अधर में लटका हुआ है। जिले की तीनों चीनी मिलों ने 441.12 करोड़ रुपये के गन्ने की खरीद के सापेक्ष अब तक केवल 218.63 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार नए पेराई सत्र में शामली मिल ने 41.16 लाख क्विंटल, थानाभवन मिल ने 47.23 लाख क्विंटल तथा ऊन मिल ने 39.13 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है।
रिकॉर्ड के मुताबिक, शामली मिल ने 140.77 करोड़ रुपये के सापेक्ष 111.32 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि थानाभवन मिल 169.97 करोड़ रुपये के सापेक्ष केवल 14.90 करोड़ रुपये का भुगतान कर पाई है।
ऊन मिल ने 130.58 करोड़ रुपये के सापेक्ष 92.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बकाया भुगतान की स्थिति पर नजर डालें तो थानाभवन मिल पर सबसे अधिक 155.07 करोड़ रुपये, ऊन मिल पर 38.17 करोड़ रुपये और शामली मिल पर 30.45 करोड़ रुपये बकाया हैं।
बझेड़ी निवासी किसान बिट्टू चौधरी ने कहा कि गन्ने का भुगतान नहीं होने से परेशानी हो रही है। पिंडौरा निवासी योगेंद्र चौधरी ने बताया कि चीनी मिल पर उनका लगभग दो लाख रुपये का भुगतान एक माह से अटका हुआ है।
मंटी हसनपुर निवासी किसान सुभाष सैनी का कहना है कि मिल की ओर से भुगतान समय पर नहीं किया जाता। इसी कारण क्षेत्र में किसानों ने गन्ने की बुवाई कम कर दी है। ग्राम नोजल निवासी सोनू शर्मा ने कहा कि नियमानुसार 14 दिन में भुगतान होना चाहिए, लेकिन बजाज समूह की मिल 14 माह में भी भुगतान नहीं कर रही।
जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) रणजीत सिंह कुशवाहा का कहना है कि मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का भुगतान जल्द कराया जाएगा।
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गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार नए पेराई सत्र में शामली मिल ने 41.16 लाख क्विंटल, थानाभवन मिल ने 47.23 लाख क्विंटल तथा ऊन मिल ने 39.13 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है।
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रिकॉर्ड के मुताबिक, शामली मिल ने 140.77 करोड़ रुपये के सापेक्ष 111.32 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि थानाभवन मिल 169.97 करोड़ रुपये के सापेक्ष केवल 14.90 करोड़ रुपये का भुगतान कर पाई है।
ऊन मिल ने 130.58 करोड़ रुपये के सापेक्ष 92.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बकाया भुगतान की स्थिति पर नजर डालें तो थानाभवन मिल पर सबसे अधिक 155.07 करोड़ रुपये, ऊन मिल पर 38.17 करोड़ रुपये और शामली मिल पर 30.45 करोड़ रुपये बकाया हैं।
बझेड़ी निवासी किसान बिट्टू चौधरी ने कहा कि गन्ने का भुगतान नहीं होने से परेशानी हो रही है। पिंडौरा निवासी योगेंद्र चौधरी ने बताया कि चीनी मिल पर उनका लगभग दो लाख रुपये का भुगतान एक माह से अटका हुआ है।
मंटी हसनपुर निवासी किसान सुभाष सैनी का कहना है कि मिल की ओर से भुगतान समय पर नहीं किया जाता। इसी कारण क्षेत्र में किसानों ने गन्ने की बुवाई कम कर दी है। ग्राम नोजल निवासी सोनू शर्मा ने कहा कि नियमानुसार 14 दिन में भुगतान होना चाहिए, लेकिन बजाज समूह की मिल 14 माह में भी भुगतान नहीं कर रही।
जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) रणजीत सिंह कुशवाहा का कहना है कि मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का भुगतान जल्द कराया जाएगा।
