{"_id":"6a84a56d33bb86d2e5061791","slug":"suresh-devi-will-move-the-high-court-to-get-the-murderers-hanged-shamli-news-c-26-1-sal1001-172136-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: हत्यारों को फांसी दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाएंगी सुरेश देवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: हत्यारों को फांसी दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाएंगी सुरेश देवी
Wed, 19 Aug 2026 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:03 AM IST
विज्ञापन
कैराना अदालत से संबंधित-मृतक भूपेंद्र की मां और मुकदमे की वादी सुरेश देवी-संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना (शामली)। इकलौते बेटे भूपेंद्र और पोते अर्जुन की हत्या के मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद सुरेश देवी अब हत्यारों को फांसी दिलाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ूंगी।
6 अप्रैल 2022 को कांधला के मखमूलपुर में मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी भूपेंद्र और उसके बेटे अर्जुन की पैसों के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने कांधला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वह मुकदमे की वादी होने के साथ घटना की चश्मदीद गवाह भी थीं।
सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय ने मामले में बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके भाई अर्जुन और चचेरे भाई मोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विक्रांत के पिता वीरेंद्र को पांच साल के कारावास की सजा दी गई।
विज्ञापन
सुरेश देवी ने बताया कि बेटे और पोते की हत्या के बाद उनका पूरा परिवार उजड़ गया। भूपेंद्र डेयरी चलाता था। उसकी हत्या के बाद डेयरी का काम बंद हो गया और भैंसें बेचनी पड़ीं। घर में अब वह, उसकी विधवा पुत्रवधू और 15 वर्षीय पोती रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले धमकियां भी दी गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
सुरेश देवी ने कहा कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा से वह संतुष्ट नहीं हैं। मेरी कोख उजाड़ने वालों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाऊंगी। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगी।
विज्ञापन
6 अप्रैल 2022 को कांधला के मखमूलपुर में मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी भूपेंद्र और उसके बेटे अर्जुन की पैसों के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने कांधला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वह मुकदमे की वादी होने के साथ घटना की चश्मदीद गवाह भी थीं।
विज्ञापन
सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय ने मामले में बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके भाई अर्जुन और चचेरे भाई मोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विक्रांत के पिता वीरेंद्र को पांच साल के कारावास की सजा दी गई।
विज्ञापन
सुरेश देवी ने बताया कि बेटे और पोते की हत्या के बाद उनका पूरा परिवार उजड़ गया। भूपेंद्र डेयरी चलाता था। उसकी हत्या के बाद डेयरी का काम बंद हो गया और भैंसें बेचनी पड़ीं। घर में अब वह, उसकी विधवा पुत्रवधू और 15 वर्षीय पोती रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले धमकियां भी दी गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
सुरेश देवी ने कहा कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा से वह संतुष्ट नहीं हैं। मेरी कोख उजाड़ने वालों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाऊंगी। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगी।