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Shamli News: सांसद ने स्कूलों की मनमानी से आर्थिक बोझ का उठाया मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:02 AM IST
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संसद में बोलते कैराना सांसद इकरा हसन-इंटरनेट
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कैराना। सांसद इकरा हसन ने संसद में स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावकों पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया है।
संसद में बोलते हुए इकरा हसन ने कहा कि कई स्कूल अपने यहां एक-दो विषयों के लिए निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर देते हैं, जो सामान्य बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होती और यदि मिलती भी हैं तो अत्यधिक महंगी कीमत पर बेची जाती हैं। इसके अलावा कुछ स्कूल प्रबंधन किसी एक विशेष बुक सेलर को निर्धारित कर देते हैं, जहां से अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इससे खासतौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सांसद ने मांग की है कि निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों को अनिवार्य करने पर रोक लगाई जाए और किसी एक विक्रेता को अधिकृत करने की प्रथा पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
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संसद में बोलते हुए इकरा हसन ने कहा कि कई स्कूल अपने यहां एक-दो विषयों के लिए निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर देते हैं, जो सामान्य बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होती और यदि मिलती भी हैं तो अत्यधिक महंगी कीमत पर बेची जाती हैं। इसके अलावा कुछ स्कूल प्रबंधन किसी एक विशेष बुक सेलर को निर्धारित कर देते हैं, जहां से अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इससे खासतौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सांसद ने मांग की है कि निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों को अनिवार्य करने पर रोक लगाई जाए और किसी एक विक्रेता को अधिकृत करने की प्रथा पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
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