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Shamli News: बिजली बिल वसूली से संवार रहीं परिवार की तकदीर
Tue, 14 Jul 2026 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:06 AM IST
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महिला...राशिदा
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शामली। घर की चहारदीवारी से निकलकर जिले की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। विद्युत सखी बनकर महिलाएं न केवल बिजली विभाग का राजस्व बढ़ा रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर रही हैं। कभी दूसरों पर निर्भर रहने वालीं ये महिलाएं अब दूसरोें के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
एनआरएलएम के ऊन ब्लॉक मिशन प्रबंधक अनुराग धीमान ने बताया कि जिले में 171 महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर विद्युत सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। ये महिलाएं प्रतिमाह 10 हजार से 40 हजार रुपये तक कमा रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। बंतीखेड़ा निवासी राशिदा ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से विद्युत सखी के रूप में काम कर रही हैं। हर माह 30 से 35 लाख रुपये तक का बिजली बिल जमा कराती हैं, जिससे उन्हें करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो जाती है।
हसनपुर निवासी अनीता ने बताया कि वह हर माह करीब 40 लाख रुपये तक का बिजली बिल जमा कराती हैं। इससे उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती है।
अनुराग धीमान ने बताया कि यारपुर की सरिता, जाफरपुर की अन्नू, कादरपुर की सरिता, पलठेड़ी की पारुल और गढ़ी की संदीपा समेत कई अन्य महिलाएं भी बेहतर कार्य कर रही हैं। इनके कार्यों के लिए इन्हें कई बार जिलाधिकारी और समूह अधिकारियों की ओर से सम्मानित किया जा चुका है।
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एनआरएलएम के ऊन ब्लॉक मिशन प्रबंधक अनुराग धीमान ने बताया कि जिले में 171 महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर विद्युत सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। ये महिलाएं प्रतिमाह 10 हजार से 40 हजार रुपये तक कमा रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। बंतीखेड़ा निवासी राशिदा ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से विद्युत सखी के रूप में काम कर रही हैं। हर माह 30 से 35 लाख रुपये तक का बिजली बिल जमा कराती हैं, जिससे उन्हें करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो जाती है।
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हसनपुर निवासी अनीता ने बताया कि वह हर माह करीब 40 लाख रुपये तक का बिजली बिल जमा कराती हैं। इससे उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती है।
अनुराग धीमान ने बताया कि यारपुर की सरिता, जाफरपुर की अन्नू, कादरपुर की सरिता, पलठेड़ी की पारुल और गढ़ी की संदीपा समेत कई अन्य महिलाएं भी बेहतर कार्य कर रही हैं। इनके कार्यों के लिए इन्हें कई बार जिलाधिकारी और समूह अधिकारियों की ओर से सम्मानित किया जा चुका है।
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