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Shravasti News: आत्मरक्षा के लिए बेटियों को बनना होगा सशक्त
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अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक सूर्यप्रकाश पां
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श्रावस्ती। आत्मरक्षा के लिए बेटियों को स्वयं सशक्त बनकर मुकाबला करने की जरूरत है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हरिहरपुररानी में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में ताइक्वांडो प्रशिक्षक सूर्य प्रकाश पांडेय ने छात्राओं को यह सीख दी। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा से जुड़े कई गुर भी सिखाए। छात्राओं ने उनसे सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को भी शांत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए छात्राओं को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्हें पौष्टिक आहार लेना होगा, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सहित सभी तत्वों को शारीरिक क्षमता के अनुसार शामिल करना आवश्यक है। साथ ही मानसिक मजबूती के लिए नियमित रूप से योग व व्यायाम करना होगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि यदि कोई दुर्भावना से प्रेरित होकर शरीर को हाथ लगाए तो तत्काल उसका तेज आवाज से विरोध करें।
फिर भी यदि व्यक्ति छेड़छाड़ करने का प्रयास करता है तो उसकी आंख, नाक, कान, जननांग पर हमला कर सबक सिखा सकती हैं। इस दौरान छात्रा रहनुमा ने पूछा की यदि कोई पीछे से पकड़ ले तब क्या करना चाहिए। इस पर प्रशिक्षक ने बताया कि एल्बो किक का प्रयोग कर उसे गंभीर चोट पहुंचा सकती हैं। आसमीन ने पूछा की यदि कई लोग घेर कर पकड़ लें तो क्या करना चाहिए। इस पर उन्होंने बताया कि इस दौरान अपने सेफ्टी पिन, कलम आदि को हथियार के रूप में प्रयोग कर सकती हैं।
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साथ ही जितनी जल्दी हो सके शोर मचाते हुए भीड़ वाले स्थान पर जाने का प्रयास करें। रोशनी ने पूछा कि चाकू से हमला होने पर क्या कर सकते हैं। इस पर प्रशिक्षक ने बताया कि अपने दुपट्टे को हथियार के रूप में प्रयोग कर सकती हैं। इस दौरान प्रशिक्षक ने आत्मरक्षा के विभिन्न पैतरों का प्रयोग करके सिखाया। इस मौके पर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा नीलम, प्रधानाचार्य कैशर जहां, बंदना शर्मा, शिक्षा, भावना पांडेय, ज्योति श्रीवास्तव, राधा देवी, स्नेह लता, सलाहुद्दीन व मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए छात्राओं को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्हें पौष्टिक आहार लेना होगा, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सहित सभी तत्वों को शारीरिक क्षमता के अनुसार शामिल करना आवश्यक है। साथ ही मानसिक मजबूती के लिए नियमित रूप से योग व व्यायाम करना होगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि यदि कोई दुर्भावना से प्रेरित होकर शरीर को हाथ लगाए तो तत्काल उसका तेज आवाज से विरोध करें।
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फिर भी यदि व्यक्ति छेड़छाड़ करने का प्रयास करता है तो उसकी आंख, नाक, कान, जननांग पर हमला कर सबक सिखा सकती हैं। इस दौरान छात्रा रहनुमा ने पूछा की यदि कोई पीछे से पकड़ ले तब क्या करना चाहिए। इस पर प्रशिक्षक ने बताया कि एल्बो किक का प्रयोग कर उसे गंभीर चोट पहुंचा सकती हैं। आसमीन ने पूछा की यदि कई लोग घेर कर पकड़ लें तो क्या करना चाहिए। इस पर उन्होंने बताया कि इस दौरान अपने सेफ्टी पिन, कलम आदि को हथियार के रूप में प्रयोग कर सकती हैं।
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साथ ही जितनी जल्दी हो सके शोर मचाते हुए भीड़ वाले स्थान पर जाने का प्रयास करें। रोशनी ने पूछा कि चाकू से हमला होने पर क्या कर सकते हैं। इस पर प्रशिक्षक ने बताया कि अपने दुपट्टे को हथियार के रूप में प्रयोग कर सकती हैं। इस दौरान प्रशिक्षक ने आत्मरक्षा के विभिन्न पैतरों का प्रयोग करके सिखाया। इस मौके पर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा नीलम, प्रधानाचार्य कैशर जहां, बंदना शर्मा, शिक्षा, भावना पांडेय, ज्योति श्रीवास्तव, राधा देवी, स्नेह लता, सलाहुद्दीन व मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक सूर्यप्रकाश पां

अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक सूर्यप्रकाश पां