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बाल विज्ञान कांग्रेस से बढ़ती है सामूहिक कार्य क्षमता : डीआईओएस
Thu, 06 Aug 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:56 PM IST
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जगतजीत इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद डीआईओएस व अन्य।
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कटरा। जगतजीत इंटर कॉलेज इकौना में एक दिवसीय 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस एवं शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को विभिन्न विषयों और गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यशाला का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) सत्येंद्र कुमार सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डीआईओएस ने कहा, लगातार 32 वर्षों से आयोजित हो रही यह अभिनव गतिविधि बच्चों में सीखने के साथ समूह में कार्य करने की क्षमता विकसित करती है। इससे विज्ञान सीखने व वैज्ञानिक विधि से कार्य करने की प्रक्रिया को आसपास के संसाधनों, परिवेश, वातावरण एवं पर्यावरण से जोड़ने में मदद मिलती है।
जिला समन्वयक संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि इस वर्ष बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय ''सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार'' है। इसके उप विषयों में अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, वर्षा जल का संरक्षण व उपयोग, खाद्य कृषि एवं स्वास्थ्य व सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली का अनुप्रयोग शामिल हैं। जूनियर वर्ग में 10 से 14 वर्ष और सीनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकते हैं।
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प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेयी ने बताया कि एनसीएससी की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, ज्योति प्रकाश पांडेय, पवन कुमार सिंह बौद्ध सहित अन्य मौजूद रहे।
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डीआईओएस ने कहा, लगातार 32 वर्षों से आयोजित हो रही यह अभिनव गतिविधि बच्चों में सीखने के साथ समूह में कार्य करने की क्षमता विकसित करती है। इससे विज्ञान सीखने व वैज्ञानिक विधि से कार्य करने की प्रक्रिया को आसपास के संसाधनों, परिवेश, वातावरण एवं पर्यावरण से जोड़ने में मदद मिलती है।
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जिला समन्वयक संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि इस वर्ष बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय ''सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार'' है। इसके उप विषयों में अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, वर्षा जल का संरक्षण व उपयोग, खाद्य कृषि एवं स्वास्थ्य व सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली का अनुप्रयोग शामिल हैं। जूनियर वर्ग में 10 से 14 वर्ष और सीनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकते हैं।
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प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेयी ने बताया कि एनसीएससी की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, ज्योति प्रकाश पांडेय, पवन कुमार सिंह बौद्ध सहित अन्य मौजूद रहे।