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Shravasti News: दोपहर तक छाया रहा कोहरा, फिर हुई बूंदाबांदी
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:58 AM IST
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जमुनहा-बहइराच मार्ग पर तुलसीपुर के निकट घने कोहरे के बीच निकलते लोग।
- फोटो : जमुनहा-बहइराच मार्ग पर तुलसीपुर के निकट घने कोहरे के बीच निकलते लोग।
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श्रावस्ती। तराई में सोमवार रात से छाया कोहरा मंगलवार दोपहर तक रहा। वहीं कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे शाम ढलते ही ठंड बढ़ गई। बूंदाबांदी जहां फसलों के लिए अच्छी साबित होगी। वहीं सांस रोगियों के लिए मुसीबत का सबब भी बनेगी।
तराई में सोमवार को दिन में खिली चटख धूप ने जहां लोगों को गर्मी का एहसास कराया। वहीं देर रात से छाया कोहरा मंगलवार 12 बजे तक नहीं हटा। दोपहर बाद भिनगा, तुलसीपुर, इकौना, वीरपुर, भंगहा, जमुनहा आदि स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि किसान बादलों से बरसात की उम्मीद लगाए थे, जिस पर पानी फिर गया। किसान राम गोपाल ने बताया कि इस समय गेहूं को सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन बरसात न होने से उन्हें पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है। किसान शिवशरण लाल ने कहा कि मसूर व सरसो को हल्की बरसात का लाभ मिल जाए तो फसल और बेहतर हो जाएगी।
फसलों के अनुकूल है मौसम
जिला कृषि अधिकारी बलजीत बहादुर वर्मा ने बताया कि इस समय फसलों के अनुकूल मौसम है। हालांकि सभी फसलों को हल्की बरसात की आवश्यकता है। सुबह होने वाला कोहरा गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। किंतु सरसो की फसल पर इसका दुष्परिणाम हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि बरसात नहीं होती है तो किसान फसलों की सिंचाई करें, लेकिन खेतों में पानी न भरने पाए इसका भी ध्यान रखें।
सांस रोगियों के लिए यह मौसम है नुकसानदेह
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. शिवम प्रियदर्शी ने बताया कि सांस रोगियों के लिए यह मौसम नुकसानदेह है। वातावरण में नमी होने से सांस के माध्यम से वह नमी फेफड़ों में चली जाती है। इससे रोगियों को अधिक परेशानी हो सकती है। ऐसे में उन्हें अपना नाक व मुंह ढककर रखना चाहिए। धूप निकलने पर ही खुले में बैठें। साथ ही अपनी दवाओं को नियमित रूप से लेते रहें।
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तराई में सोमवार को दिन में खिली चटख धूप ने जहां लोगों को गर्मी का एहसास कराया। वहीं देर रात से छाया कोहरा मंगलवार 12 बजे तक नहीं हटा। दोपहर बाद भिनगा, तुलसीपुर, इकौना, वीरपुर, भंगहा, जमुनहा आदि स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि किसान बादलों से बरसात की उम्मीद लगाए थे, जिस पर पानी फिर गया। किसान राम गोपाल ने बताया कि इस समय गेहूं को सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन बरसात न होने से उन्हें पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है। किसान शिवशरण लाल ने कहा कि मसूर व सरसो को हल्की बरसात का लाभ मिल जाए तो फसल और बेहतर हो जाएगी।
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फसलों के अनुकूल है मौसम
जिला कृषि अधिकारी बलजीत बहादुर वर्मा ने बताया कि इस समय फसलों के अनुकूल मौसम है। हालांकि सभी फसलों को हल्की बरसात की आवश्यकता है। सुबह होने वाला कोहरा गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। किंतु सरसो की फसल पर इसका दुष्परिणाम हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि बरसात नहीं होती है तो किसान फसलों की सिंचाई करें, लेकिन खेतों में पानी न भरने पाए इसका भी ध्यान रखें।
सांस रोगियों के लिए यह मौसम है नुकसानदेह
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. शिवम प्रियदर्शी ने बताया कि सांस रोगियों के लिए यह मौसम नुकसानदेह है। वातावरण में नमी होने से सांस के माध्यम से वह नमी फेफड़ों में चली जाती है। इससे रोगियों को अधिक परेशानी हो सकती है। ऐसे में उन्हें अपना नाक व मुंह ढककर रखना चाहिए। धूप निकलने पर ही खुले में बैठें। साथ ही अपनी दवाओं को नियमित रूप से लेते रहें।
