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Shravasti News: सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट नहीं, मरीज निजी संस्थान के सहारे
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:56 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर।
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श्रावस्ती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए निजी संस्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, माह के मात्र चार दिन ही संबद्ध जांच केंद्रों से केवल गर्भवती महिलाओं का निशुल्क जांच हो पा रहा है।
शासन प्रशासन लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैय्या कराने के लिए कितने ही प्रयास कर रही हो, लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई कुछ और ही है। सिर्फ कागजों में ही जिले को आकांक्षी घोषित किया गया है। यहां संचालित आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से अब तक दो पर ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध है। शेष छह सीएचसी में पहुंचने वाले मरीजों को निजी संस्थानों में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हाल ही में डीएम अश्विनी कुमार पांडेय के प्रयास से मल्हीपुर सीएचसी में जांच की सुविधा शुरू हो सकी है। भिनगा सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. राधिका रंजन विश्वास सप्ताह में चार दिन मल्हीपुर सीएचसी से संबद्ध कर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच करा रही है। इसी तरह से सिरसिया सीएचसी में तैनात प्रसूति रोग विशेषज्ञ से अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। वहीं, इकौना में लगभग एक वर्ष से अल्ट्रासाउंड मशीन अपने संचालन की आस देख रही है। क्योंकि यहां पर कोई रेडियोलॉजिस्ट ही तैनात नहीं है। अन्य सीएचसी में मरीजों को जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।
इन सीएचसी पर की गई है संबद्धता
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत छह सीएचसी पर निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को संबद्ध किया गया है। इनमें गिलौला, इकौना, भिनगा, लक्ष्मणपुर, सोनवा व भंगहा शामिल है। संबंधित सीएचसी में माह के एक, नौ, 16 व 24 तारीख को आने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच संबद्ध जांच केंद्रों से कराई जाती है। अन्य दिनों में मरीजाें को जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है।
शासन को भेज गया है पत्र
जिले में रेडियोलॉजिस्ट की बेहद कमी है। ऐसे में सभी सीएचसी पर जांच नहीं हो पा रही है। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर रेडियोलॉजिस्ट की डिमांड की गई है। तैनाती होने पर सभी स्थानों पर संचालन शुरू किया जाएगा।-- एसीएओ डाॅ. केके वर्मा
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शासन प्रशासन लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैय्या कराने के लिए कितने ही प्रयास कर रही हो, लेकिन धरातल पर इसकी सच्चाई कुछ और ही है। सिर्फ कागजों में ही जिले को आकांक्षी घोषित किया गया है। यहां संचालित आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से अब तक दो पर ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध है। शेष छह सीएचसी में पहुंचने वाले मरीजों को निजी संस्थानों में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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हाल ही में डीएम अश्विनी कुमार पांडेय के प्रयास से मल्हीपुर सीएचसी में जांच की सुविधा शुरू हो सकी है। भिनगा सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. राधिका रंजन विश्वास सप्ताह में चार दिन मल्हीपुर सीएचसी से संबद्ध कर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच करा रही है। इसी तरह से सिरसिया सीएचसी में तैनात प्रसूति रोग विशेषज्ञ से अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। वहीं, इकौना में लगभग एक वर्ष से अल्ट्रासाउंड मशीन अपने संचालन की आस देख रही है। क्योंकि यहां पर कोई रेडियोलॉजिस्ट ही तैनात नहीं है। अन्य सीएचसी में मरीजों को जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।
इन सीएचसी पर की गई है संबद्धता
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत छह सीएचसी पर निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को संबद्ध किया गया है। इनमें गिलौला, इकौना, भिनगा, लक्ष्मणपुर, सोनवा व भंगहा शामिल है। संबंधित सीएचसी में माह के एक, नौ, 16 व 24 तारीख को आने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच संबद्ध जांच केंद्रों से कराई जाती है। अन्य दिनों में मरीजाें को जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है।
शासन को भेज गया है पत्र
जिले में रेडियोलॉजिस्ट की बेहद कमी है। ऐसे में सभी सीएचसी पर जांच नहीं हो पा रही है। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर रेडियोलॉजिस्ट की डिमांड की गई है। तैनाती होने पर सभी स्थानों पर संचालन शुरू किया जाएगा।
