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Siddharthnagar News: स्कूलों में नहीं चलेंगे 15 साल पुराने वाहन
Thu, 13 Aug 2026 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:20 PM IST
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- डीएम ने विद्यालय प्रबंधकों को दिए निर्देश, अधूरे दस्तावेज वाले वाहनों से बच्चों को न ले जाएं
- स्कूल वाहन की निगरानी के लिए अटेंडेंट अनिवार्य, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
सिद्धार्थनगर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को अंबेडकर सभागार में डीएम शिवशरणप्पा जीएन और एसपी डॉ. अभिषेक महाजन की मौजूदगी में जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम ने स्पष्ट किया कि 15 वर्ष पुराने वाहनों का विद्यालय में बच्चों के परिवहन के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जो विद्यालय वाहन अब संचालन में नहीं हैं या जिन्हें कटवाकर समाप्त किया जा चुका है लेकिन आरटीओ कार्यालय के अभिलेखों में अभी भी विद्यालय के नाम दर्ज हैं, उनका नियमानुसार पंजीयन निरस्त कराया जाए। यदि कोई वाहन विद्यालय की ओर से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है तो उसका स्वामित्व भी संबंधित व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कराया जाए। वाहन ट्रांसफर नहीं होने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी।
उन्होंने कहा कि जिन वाहनों की फिटनेस, परमिट या अन्य आवश्यक दस्तावेज समाप्त हो चुके हैं, उनके दस्तावेज संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। अधूरे या अवैध दस्तावेज वाले वाहन किसी भी स्थिति में बच्चों के आवागमन में इस्तेमाल न किए जाएं।
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उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। प्रत्येक स्कूल वाहन में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी के लिए अटेंडेंट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालय प्रबंधन को स्कूल वाहनों से जुड़े सभी वैधानिक और सुरक्षा मानकों का पालन कराने को कहा गया।
बैठक में एआरटीओ संजय कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद रहे।
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- स्कूल वाहन की निगरानी के लिए अटेंडेंट अनिवार्य, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
सिद्धार्थनगर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को अंबेडकर सभागार में डीएम शिवशरणप्पा जीएन और एसपी डॉ. अभिषेक महाजन की मौजूदगी में जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम ने स्पष्ट किया कि 15 वर्ष पुराने वाहनों का विद्यालय में बच्चों के परिवहन के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जो विद्यालय वाहन अब संचालन में नहीं हैं या जिन्हें कटवाकर समाप्त किया जा चुका है लेकिन आरटीओ कार्यालय के अभिलेखों में अभी भी विद्यालय के नाम दर्ज हैं, उनका नियमानुसार पंजीयन निरस्त कराया जाए। यदि कोई वाहन विद्यालय की ओर से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है तो उसका स्वामित्व भी संबंधित व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कराया जाए। वाहन ट्रांसफर नहीं होने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी।
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उन्होंने कहा कि जिन वाहनों की फिटनेस, परमिट या अन्य आवश्यक दस्तावेज समाप्त हो चुके हैं, उनके दस्तावेज संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। अधूरे या अवैध दस्तावेज वाले वाहन किसी भी स्थिति में बच्चों के आवागमन में इस्तेमाल न किए जाएं।
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उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। प्रत्येक स्कूल वाहन में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी के लिए अटेंडेंट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालय प्रबंधन को स्कूल वाहनों से जुड़े सभी वैधानिक और सुरक्षा मानकों का पालन कराने को कहा गया।
बैठक में एआरटीओ संजय कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद रहे।