फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   More than 300 bighas of land belonging to citizens who migrated to Pakistan will be auctioned.

Siddharthnagar News: पाकिस्तान गए नागरिकों की तीन सौ बीघा से अधिक जमीन होगी नीलाम

Thu, 13 Aug 2026 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 13 Aug 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
More than 300 bighas of land belonging to citizens who migrated to Pakistan will be auctioned.
- शत्रु संपत्तियों को लेकर गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने शुरू की तैयारी
विज्ञापन

-जल्द ही शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट, 2024 में बड़े पैमाने पर चिह्नित की गईं थी संपत्तियां

सिद्धार्थनगर। जिले के बांसी व इटवा तहसील में चिह्नित की गई पाकिस्तान चले गए नागरिकों की 300 बीघा से अधिक भूमि अब नीलाम की जाएगी। शत्रु संपत्तियों को लेकर गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इन जमीनों को पहले ही कब्जा मुक्त कराया जा चुका है।

बता दें कि गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्तियों को अवैध कब्जेदारी से तत्काल मुक्त कराने का आदेश दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अब शत्रु संपत्तियों को न तो लीज पर दिया जाएगा और न ही किरायेदारी पर। सात अगस्त को जारी आदेश के अनुसार, इन संपत्तियों को नीलाम करने का निर्देश है।
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान गए नागरिकों की भूमि की जांच कर रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई थी। देश के विभाजन के बाद भारत से पाकिस्तान चले जाने और वहां की नागरिकता लेने वाले लोगों के नाम से जिले में कई स्थानों पर भूमि दर्ज रही है। छानबीन के बाद जिले के बांसी और इटवा तहसीलों में इन भूमियों को चिह्नित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इटवा तहसील के लमुईया गांव में पाकिस्तान की नागरिकता लेने वाले चार लोगों के नाम दर्ज 230 बीघा भूमि शत्रु संपत्ति घोषित करने की रिपोर्ट जिला प्रशासन ने गृह मंत्रालय को भेजी थी। यहां पर पाकिस्तान चले गए लोगों की भूमि दूसरे लोगों के नाम चढ़ा दी गई थी। इन जमीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से की गई थी। वहीं, इटवा तहसील के ही ग्राम परसोहिया तिवारी में पाकिस्तान जाकर वहां की नागरिकता लेने वाले व्यक्ति के नाम दर्ज 48 बीघा भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने की भी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई थी।
----------

कूटरचना से दर्ज कराया था नाम, हुआ खारिज

इटवा तहसील के ग्राम लमुईया के राजस्व अभिलेखों के परीक्षण में दो चक्र के चकबंदी के प्रपत्रों के मिलान में पाया गया कि प्रथम चक्र की खातेदार आमिना बेगम पत्नी मो. उमर, माे. मयमुना पत्नी उसमान, मनौवर जहां पत्नी अब्दुल रहमान व शफीक जहां पुत्री अब्दुल रहमान के नाम से अंकित चक द्वितीय चक्र में कूटरचना करते हुए कुछ व्यक्तियों के नाम से अंकित हो गए।

स्थलीय जांच में ग्रामीणों ने बयान दिया कि उन खातेदारों के सभी परिवार भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए। जिसके बाद जिला प्रशासन की ओर से इन खातेदारों के नाम दर्ज 230 बीघा को खारिज करते हुए इसे शत्रु संपत्ति घोषित करने की कार्रवाई के लिए शासन के साथ ही गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी गई थी।
बांसी तहसील में 32 बीघा जमीन की भी नीलामी

इसी तरह से बांसी तहसील में संतकबीरनगर के निवासी फतेह मोहम्मद के पुत्र अकबर अली की 32 बीघा जमीन थी। अकबर अली ने 23 जून 1970 को अपने नाती माशूक अहमद के नाम हिब्बानामा के माध्यम से सिकरी, फुलवरिया, रजाउर व साहूखिरिया में स्थित समस्त संपत्ति कर दी थी। इस हिब्बानामा को हाईकोर्ट ने 3 फरवरी 2010 को शून्य घोषित कर दिया था। 2024 में जिला प्रशासन ने इस जमीन को भी शत्रु संपत्ति की सूची में शामिल कर लिया था।



शासन के निर्देशानुसार जिले में मौजूद शत्रु संपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद वहां से मिले निर्देशों के क्रम में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed