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Siddharthnagar News: 196 करोड़ से सीएचसी में तब्दील होगा बढ़नी पीएचसी
Sat, 18 Jul 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:40 AM IST
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तुलसियापुर। बढ़नी पीएचसी को सीएचसी में उच्चीकरण के लिए शासन ने 196 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसके लिए 9.83 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। सीएचसी निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रीय लोगों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बढ़नी में ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिलने का भरोसा जताया है।
नेपाल बाॅर्डर पर बढ़नी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है। यहां न सिर्फ सीमावर्ती इलाके के लोग इलाज के लिए आते हैं बल्कि बड़ी संख्या में नेपाल से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों का भार अधिक है लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं। लोग इसे सीएचसी में तब्दील करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे, जिससे इलाज के लिए होने वाली भागदौड़ से राहत मिल सके। विधायक विनय वर्मा से भी लोग लगातार मांग कर रहे थे। उनकी ओर से लिखापढ़ी करने के साथ ही कई बार विभागीय मंत्री से मांग की गई।
उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव चंद्रशेखर मिश्र ने चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक को पत्र भेजकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकरण करने और 1966.11 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिलने की जानकारी दी है।
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इस दौरान उन्होंने पत्र में बताया कि स्वीकृति धनराशि की पहली किश्त के रूप में नौ करोड़ 83 लाख पांच हजार रुपये की राशि भी अवमुक्त कर दी गई है। बढ़नी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। साथ ही 20 बेड का जच्चा-बच्चा केंद्र भी बनाया जाएगा।
जिले के 14 में 12 ब्लाॅक मुख्यालय पर सीएचसी है। जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है लेकिन बढ़नी में अब भी पीएचसी ही है। बढ़नी में ब्लाॅक के 77 ग्राम पंचायतों के अलावा बलरामपुर व नेपाल के सीमावर्ती गांवों के मरीज भी आते हैं। रोजाना ओपीडी में 200 से अधिक मरीज देखे जाते हैं। पीएचसी होने के कारण आकस्मिक मरीजों को सीएचसी शोहरतगढ़ व मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
बढ़नी क्षेत्र के वरिष्ठ व्यापारी नेता प्रदीप कमलापुरी, त्रियुगी अग्रहरि, विवेक गुप्ता, चंदी शुक्ला, अशोक पासवान आदि ने बताया कि अब मरीज शोहरतगढ़ व जिला मुख्यालय रेफर नहीं किए जाएंगे।
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नेपाल बाॅर्डर पर बढ़नी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है। यहां न सिर्फ सीमावर्ती इलाके के लोग इलाज के लिए आते हैं बल्कि बड़ी संख्या में नेपाल से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों का भार अधिक है लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं। लोग इसे सीएचसी में तब्दील करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे, जिससे इलाज के लिए होने वाली भागदौड़ से राहत मिल सके। विधायक विनय वर्मा से भी लोग लगातार मांग कर रहे थे। उनकी ओर से लिखापढ़ी करने के साथ ही कई बार विभागीय मंत्री से मांग की गई।
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उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव चंद्रशेखर मिश्र ने चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक को पत्र भेजकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकरण करने और 1966.11 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिलने की जानकारी दी है।
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इस दौरान उन्होंने पत्र में बताया कि स्वीकृति धनराशि की पहली किश्त के रूप में नौ करोड़ 83 लाख पांच हजार रुपये की राशि भी अवमुक्त कर दी गई है। बढ़नी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। साथ ही 20 बेड का जच्चा-बच्चा केंद्र भी बनाया जाएगा।
जिले के 14 में 12 ब्लाॅक मुख्यालय पर सीएचसी है। जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है लेकिन बढ़नी में अब भी पीएचसी ही है। बढ़नी में ब्लाॅक के 77 ग्राम पंचायतों के अलावा बलरामपुर व नेपाल के सीमावर्ती गांवों के मरीज भी आते हैं। रोजाना ओपीडी में 200 से अधिक मरीज देखे जाते हैं। पीएचसी होने के कारण आकस्मिक मरीजों को सीएचसी शोहरतगढ़ व मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
बढ़नी क्षेत्र के वरिष्ठ व्यापारी नेता प्रदीप कमलापुरी, त्रियुगी अग्रहरि, विवेक गुप्ता, चंदी शुक्ला, अशोक पासवान आदि ने बताया कि अब मरीज शोहरतगढ़ व जिला मुख्यालय रेफर नहीं किए जाएंगे।