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Siddharthnagar News: दो घंटे की बारिश में उभर आईं व्यवस्था की खामियां
Sat, 18 Jul 2026 02:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:41 AM IST
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सिद्धार्थनगर। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ से साढ़े दस बजे के बीच झमाझम बारिश हुई। इससे जहां दो दिन से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को फौरी राहत मिली। एक अच्छी बारिश ने नगर पालिका के जलनिकासी के दावों की पोल खोल दी और उनकी तैयारियों की खामियां उजागर कर दीं।
वहीं, देखते ही देखते शहर पानी-पानी हो गया। मोहल्ले की मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक जलभराव की स्थिति नजर आई। नाला और नाली कहां हैं? यह ढूंढ़ना मुश्किल हो गया। आलम यह रहा है कि घर से निकलने के लिए लोगों को दूसरे मार्ग का विकल्प तलाशना पड़ा। कुछ लोगों को विवश होकर उसी पानी से गुजरकर बाहर आना पड़ा। आए। लोगों का कहना था कि बारिश से पूर्व सफाई होती है लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
मानसून के सक्रिय होने के बाद से पहली बार शुक्रवार सुबह अच्छी बारिश हुई। सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे बारिश का दौर शुरू हुआ जो साढ़े दस बजे तक जारी रहा। नगर में बारिश के बाद पड़ताल करने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम सड़क पर उतरी। नजारा हैरान करने वाला था।
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सबसे अधिक समस्या शहर के लाइफ लाइन कहे जाने वाले उसका-बर्डपुर मार्ग पर देखने को मिली, जहां ब्लॉक कार्यालय से अशोक मार्ग तक सड़क के एक हिस्से पर पानी भर गया। हाल ही में बना नाले बारिश में गुम नजर आए।
इसके बाद टीम बाल्मिकी नगर थरौली में पहुंची, जहां मुख्य मार्ग से लेकर बीच आबादी तक पानी ही पानी था। सड़क पर लगभग एक फुट पानी बह रहा था। बारिश के बीच लोग पानी के बीच से गुजरते हुए नजर आए। मौके से गुजर रहे राकेश कुमार ने बताया कि यहां की स्थिति कभी नहीं सुधरेगी। दोनों तरफ नाली है लेकिन उसे सही नहीं किया गया है। इससे बहुत परेशानी है।
इसके बाद टीम मंडी पहुंची, जहां पूरी मंडी में पानी भरा नजर आया। वहीं, बगल से लोधपुरवा मोहल्ले को जाने वाली सड़क भी डूबी हुई थी। मंडी में जाने वाले मार्ग पर भी बारिश का पानी लगा हुआ था। सड़क गुम थी। वहीं, पावर हाउस में भी पानी ही पानी दिखा। यहां से थाना रोड पर पहुंचे तो थाने में पानी भरा था। सिसहनिया मोहल्ले का तो और बुरा हाल हो गया था। सड़क पानी में डूब चुकी थी। चार पहिया वाले तो जैसे-तैसे निकल रहे थे लेकिन बाइक और पैदल वालों को करीब डेढ़ फुट पानी से होकर आना पड़ रहा था।
वहीं, सहाबुद्दीन ने बताया कि एक बारिश में यह हाल है तो अभी तक दो माह बाकी है। ऐसे में नगर पालिका को विकल्प बनाने की जरूरत है। इसी प्रकार इंद्रानगर, आजाद नगर, पूरब पड़ाव की मुख्य सड़क समेत आसपास की गलियों, सिंचाई कार्यालय, कांशीराम आवास कॉलोनी में भी जलभराव दिखा।
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वहीं, देखते ही देखते शहर पानी-पानी हो गया। मोहल्ले की मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक जलभराव की स्थिति नजर आई। नाला और नाली कहां हैं? यह ढूंढ़ना मुश्किल हो गया। आलम यह रहा है कि घर से निकलने के लिए लोगों को दूसरे मार्ग का विकल्प तलाशना पड़ा। कुछ लोगों को विवश होकर उसी पानी से गुजरकर बाहर आना पड़ा। आए। लोगों का कहना था कि बारिश से पूर्व सफाई होती है लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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मानसून के सक्रिय होने के बाद से पहली बार शुक्रवार सुबह अच्छी बारिश हुई। सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे बारिश का दौर शुरू हुआ जो साढ़े दस बजे तक जारी रहा। नगर में बारिश के बाद पड़ताल करने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम सड़क पर उतरी। नजारा हैरान करने वाला था।
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सबसे अधिक समस्या शहर के लाइफ लाइन कहे जाने वाले उसका-बर्डपुर मार्ग पर देखने को मिली, जहां ब्लॉक कार्यालय से अशोक मार्ग तक सड़क के एक हिस्से पर पानी भर गया। हाल ही में बना नाले बारिश में गुम नजर आए।
इसके बाद टीम बाल्मिकी नगर थरौली में पहुंची, जहां मुख्य मार्ग से लेकर बीच आबादी तक पानी ही पानी था। सड़क पर लगभग एक फुट पानी बह रहा था। बारिश के बीच लोग पानी के बीच से गुजरते हुए नजर आए। मौके से गुजर रहे राकेश कुमार ने बताया कि यहां की स्थिति कभी नहीं सुधरेगी। दोनों तरफ नाली है लेकिन उसे सही नहीं किया गया है। इससे बहुत परेशानी है।
इसके बाद टीम मंडी पहुंची, जहां पूरी मंडी में पानी भरा नजर आया। वहीं, बगल से लोधपुरवा मोहल्ले को जाने वाली सड़क भी डूबी हुई थी। मंडी में जाने वाले मार्ग पर भी बारिश का पानी लगा हुआ था। सड़क गुम थी। वहीं, पावर हाउस में भी पानी ही पानी दिखा। यहां से थाना रोड पर पहुंचे तो थाने में पानी भरा था। सिसहनिया मोहल्ले का तो और बुरा हाल हो गया था। सड़क पानी में डूब चुकी थी। चार पहिया वाले तो जैसे-तैसे निकल रहे थे लेकिन बाइक और पैदल वालों को करीब डेढ़ फुट पानी से होकर आना पड़ रहा था।
वहीं, सहाबुद्दीन ने बताया कि एक बारिश में यह हाल है तो अभी तक दो माह बाकी है। ऐसे में नगर पालिका को विकल्प बनाने की जरूरत है। इसी प्रकार इंद्रानगर, आजाद नगर, पूरब पड़ाव की मुख्य सड़क समेत आसपास की गलियों, सिंचाई कार्यालय, कांशीराम आवास कॉलोनी में भी जलभराव दिखा।