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Siddharthnagar News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनकर हर्षित हुए श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:30 AM IST
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पकड़ी बाजार। क्षेत्र के जखौलिया गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथावाचक बलिराम मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई। इसे सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु भाव विभोर और हर्षित नजर आए।
कथावाचक ने कहा महाराज भीष्म की कन्या रुक्मिणी का विवाह उसका भाई रुक्मी ने अपने मित्र शिशु पाल से निश्चित कर दिया था लेकिन रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन ही मन में पति के रूप में स्वीकार कर लिया था। इस लिए एक ब्राह्मण के द्वारा एक प्रेम पत्र लिखकर भेज दिया। रुक्मिणी ने पत्र में लिखा था हे नाथ मैं शिशु पाल से विवाह नहीं कर सकती आप ही मेरे सर्वस्व है।इस लिए आप मेरी प्रार्थना स्वीकार करे और मेरा हरण करके अपनी अर्धांगिनी बना लें। इसके बाद श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण किया और उनके साथ विवाह किया।
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कथावाचक ने कहा महाराज भीष्म की कन्या रुक्मिणी का विवाह उसका भाई रुक्मी ने अपने मित्र शिशु पाल से निश्चित कर दिया था लेकिन रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन ही मन में पति के रूप में स्वीकार कर लिया था। इस लिए एक ब्राह्मण के द्वारा एक प्रेम पत्र लिखकर भेज दिया। रुक्मिणी ने पत्र में लिखा था हे नाथ मैं शिशु पाल से विवाह नहीं कर सकती आप ही मेरे सर्वस्व है।इस लिए आप मेरी प्रार्थना स्वीकार करे और मेरा हरण करके अपनी अर्धांगिनी बना लें। इसके बाद श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण किया और उनके साथ विवाह किया।
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