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Siddharthnagar News: राजस्व वादों पर डीएम सख्त, तीन साल से पुराने मुकदमों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 12 Jun 2026 02:12 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले में लंबित राजस्व वादों और वरासत मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना, वरासत, अंश निर्धारण और विभिन्न राजस्व धाराओं के तहत लंबित मामलों को तय समयसीमा में निपटाया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुई बैठक में डीएम ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे और सभी आवेदन पत्रों की ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए।
बैठक में निर्विवाद वरासत, राजस्व वादों और अंश निर्धारण की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं रिपोर्ट की जांच कर ही उसे अग्रसारित करें। वरासत के मामलों को समयसीमा के भीतर निपटाने और राजस्व निरीक्षक और लेखपाल स्तर पर लंबित मामलों में जवाबदेही तय करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
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जिलाधिकारी ने धारा-24 के वादों को पोर्टल पर दर्ज कर शीघ्र निस्तारित करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और अभियान चलाकर चकमार्गों को चिह्नित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर न्यायिक कार्यों में तेजी लाई जाए और तीन वर्ष से अधिक पुराने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और नायब तहसीलदारों को प्रतिदिन न्यायालय में बैठकर सुनवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पांच वर्ष और तीन वर्ष से अधिक पुराने किसी भी प्रकार के राजस्व वाद लंबित नहीं रहने चाहिए। धारा-24, 67, 80, 116 और 176 के अंतर्गत मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए खुर्रा बंटवारे के प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
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फोकस में ये मुद्दे
- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लंबित मामलों का निस्तारण
- वरासत और अंश निर्धारण में तेजी
- तीन और पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों की विशेष सुनवाई
- अवैध अतिक्रमण हटाने और चकमार्ग चिह्नांकन अभियान
- सभी मामलों की ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुई बैठक में डीएम ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे और सभी आवेदन पत्रों की ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए।
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बैठक में निर्विवाद वरासत, राजस्व वादों और अंश निर्धारण की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं रिपोर्ट की जांच कर ही उसे अग्रसारित करें। वरासत के मामलों को समयसीमा के भीतर निपटाने और राजस्व निरीक्षक और लेखपाल स्तर पर लंबित मामलों में जवाबदेही तय करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने धारा-24 के वादों को पोर्टल पर दर्ज कर शीघ्र निस्तारित करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और अभियान चलाकर चकमार्गों को चिह्नित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर न्यायिक कार्यों में तेजी लाई जाए और तीन वर्ष से अधिक पुराने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और नायब तहसीलदारों को प्रतिदिन न्यायालय में बैठकर सुनवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पांच वर्ष और तीन वर्ष से अधिक पुराने किसी भी प्रकार के राजस्व वाद लंबित नहीं रहने चाहिए। धारा-24, 67, 80, 116 और 176 के अंतर्गत मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए खुर्रा बंटवारे के प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
फोकस में ये मुद्दे
- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लंबित मामलों का निस्तारण
- वरासत और अंश निर्धारण में तेजी
- तीन और पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों की विशेष सुनवाई
- अवैध अतिक्रमण हटाने और चकमार्ग चिह्नांकन अभियान
- सभी मामलों की ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य