सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   India-Nepal relations are linked by sensitivity, tradition and intimacy.

Siddharthnagar News: संवेदना, परंपरा और आत्मीयता से जुड़े हुए हैं भारत-नेपाल के संबंध

संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 26 Feb 2026 02:41 AM IST
विज्ञापन
India-Nepal relations are linked by sensitivity, tradition and intimacy.
भारत-नेपाल संबंधों पर दो दिवसीय संगोष्ठी में विद्वानों ने प्रस्तुत किया शोधपत्र>
विज्ञापन
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में भारत-नेपाल संबंधों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
Trending Videos

सीमावर्ती क्षेत्रों में लोकजीवन, लोकगीत और साहित्य को नए अध्ययन का केंद्र बनाने का आह्वान
सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में हिंदुस्तानी अकादमी उत्तर प्रदेश प्रयागराज और विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारत-नेपाल संबंधों का हिंदी भाषा और साहित्य पर प्रभाव’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। पुस्तक के संपादक प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे हैं। मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिष्ठित साहित्यकार और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व आचार्य प्रो. रामदेव शुक्ल ने कहा कि भारत-नेपाल संबंध केवल राजनीतिक नहीं हैं बल्कि संवेदना, परंपरा और आत्मीयता से जुड़े हुए हैं।
भारत और नेपाल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद मानवीय रिश्तों पर आधारित मित्रता अटूट है। उन्होंने सीमा क्षेत्र के साहित्य, लोकगीत और सांस्कृतिक परंपराओं पर शोध बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। विशिष्ट अतिथि, उत्तर प्रदेश के पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री प्रोफेसर सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि नेपाल का विकास सदैव भारत की चिंतनधारा में रहा है। दोनों देशों के संबंध ‘रोटी-बेटी’ जैसी आत्मीयता पर आधारित हैं और भाषा, संस्कृति और धर्म की समानता इसे और मजबूत करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम की अध्यक्षता कला संकाय की अधिष्ठाता प्रोफेसर नीता यादव ने की। स्वागत उद्बोधन हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा ने प्रस्तुत किया। संगोष्ठी के संयोजक और हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे ने विषय प्रस्तावना प्रस्तुत की। कहा कि भाषा और साहित्य दोनों देशों के बीच आत्मीयता का सेतु हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों की सांस्कृतिक एकता वास्तविक शक्ति है। इस दौरान कुलपति प्रो. कविता शाह के मार्गदर्शन में आयोजित उद्घाटन सत्र में विभिन्न विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोधपत्रों के संकलन पर आधारित संपादित पुस्तक ''''''''भारत-नेपाल संबंध : हिंदी भाषा, साहित्य व विविध आयाम'''''''' का विमोचन भी मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, विश्वविद्यालय और अन्य महाविद्यालयों के शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. राम पांडेय ने की और मुख्य वक्ता डॉ. राणा प्रताप तिवारी रहे। दूसरे सत्र के अध्यक्ष डॉ. विशाल गुप्ता और मुख्य वक्ता डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव रहे।
----------
आज होगा समापन
- विश्वविद्यालय के सूचना और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दिवस में दो तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ, जिसमें दो दर्जन से अधिक प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। दूसरे दिन दो तकनीकी सत्रों के साथ समापन समारोह आयोजित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed