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नीट: परीक्षा निरस्त बच्चों के भविष्य पर संकट, अभिभावक भी चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 13 May 2026 02:44 AM IST
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नीट की परीक्षा पेपर लीक होने के कारण कर दिया गया है निरस्त
जिले में 2670 बच्चों ने आठ केंद्रों पर दी थी परीक्षा, बढ़ी गई मायूसी
बोले अभिभावक अब फिर करना होगा बच्चों को तैयारी
सिद्धार्थनगर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) तीन मई को जिले के आठ केंद्रों पर हुई थी। परीक्षा के लिए जिले में आठ केंद्र बने थे और 2636 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे। अब वह परिणाम के इंतजार में थे कि आते ही रैंक के हिसाब से वह किसी अच्छे संस्थान में प्रवेश ले सकें। इसी बीच 12 मई को परीक्षा को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि पेपर लीक हो गया है। यह सुनते ही बच्चों और अभिभावकों में निराशा छा गई। क्योंकि, बच्चों को कोचिंग के लिए बाहर भेजा था और तैयारी कराई थी, अब फिर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी। वहीं, परीक्षा दे चुके बच्चों के समक्ष फिर परीक्षा की चिंता बढ़ गई। क्योंकि, अब पेपर कैसा आएगा और कैसे तैयारी करेंगे, इसको लेकर चिंतित हैं।
मेडिकल प्रवेश के लिए हर साल नीट परीक्षा होती है। इसमें रैंक के हिसाब से बच्चों को सरकारी और निजी कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश मिलता है। तीन मई को नीट की परीक्षा आयोजित की गई थी। आठ केंद्रों पर हुई परीक्षा में 2670 में से 66 गैरहाजिर थे। कोई साल भर तो कोई दो या तीन साल की तैयारी करने के बाद परीक्षा में इसी उम्मीद से बैठा था कि अच्छे अंक के साथ अच्छा रैंक प्राप्त करेंगे। परीक्षा परिणाम के इंतजार में बच्चे लगे थे कि मंगलवार को पेपर लीक होने के कारण परीक्षा ही निरस्त कर दिया गया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से जब इसके बारे में जानकारी मिली तो बच्चों के साथ अभिभावकों में निराशा छा गई। क्योंकि, फिर बच्चों को उतनी तैयारी के साथ परीक्षा में बैठना होगा। इसके बा भी पेपर कैसा आएगा, इसका कोई अंदाजा नहीं है। वहीं, अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कुछ बच्चों और अभिभावकों से बात हुई तो उन्होंने चिंता जाहिर की है।
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बोले परीक्षार्थी
सारी तैयारी के साथ नीट का पेपर दिया था। परीक्षा रद्द होने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। आगे क्या होगा समझ में नहीं आ रहा है। सरकार मानसिक प्रताड़ना कर रही है। यह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।
काजल त्रिपाठी, नीट परीक्षार्थी
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मैंने शिवपति इंटर काॅलेज शोहरतगढ़ में नीट की परीक्षा दिया था। पेपर बढ़िया हुआ था। उम्मीद थी कि अच्छा रैंक आएगा और अच्छे कॉलेज में प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन, निरस्त होने से अब फिर नए सिरे से मेहनत करनी पड़ेगी।
उल्फात खान, अकरहरा
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मैंने केंद्रीय विद्यालय सिद्धार्थनगर में पेपर दिया था। काफी मेहनत की थी। पेपर भी बढ़िया हुआ था। परीक्षा निरस्त होने से निराश हूं, लेकिन फिर मेहनत करुंगा और बेहतर परीणाम आएंगे।
- फैसल हबीब, औदही कलां
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बोले अभिभावक अब फिर करना होगा बच्चों को तैयारी
सिद्धार्थनगर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) तीन मई को जिले के आठ केंद्रों पर हुई थी। परीक्षा के लिए जिले में आठ केंद्र बने थे और 2636 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे। अब वह परिणाम के इंतजार में थे कि आते ही रैंक के हिसाब से वह किसी अच्छे संस्थान में प्रवेश ले सकें। इसी बीच 12 मई को परीक्षा को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि पेपर लीक हो गया है। यह सुनते ही बच्चों और अभिभावकों में निराशा छा गई। क्योंकि, बच्चों को कोचिंग के लिए बाहर भेजा था और तैयारी कराई थी, अब फिर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी। वहीं, परीक्षा दे चुके बच्चों के समक्ष फिर परीक्षा की चिंता बढ़ गई। क्योंकि, अब पेपर कैसा आएगा और कैसे तैयारी करेंगे, इसको लेकर चिंतित हैं।
मेडिकल प्रवेश के लिए हर साल नीट परीक्षा होती है। इसमें रैंक के हिसाब से बच्चों को सरकारी और निजी कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश मिलता है। तीन मई को नीट की परीक्षा आयोजित की गई थी। आठ केंद्रों पर हुई परीक्षा में 2670 में से 66 गैरहाजिर थे। कोई साल भर तो कोई दो या तीन साल की तैयारी करने के बाद परीक्षा में इसी उम्मीद से बैठा था कि अच्छे अंक के साथ अच्छा रैंक प्राप्त करेंगे। परीक्षा परिणाम के इंतजार में बच्चे लगे थे कि मंगलवार को पेपर लीक होने के कारण परीक्षा ही निरस्त कर दिया गया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से जब इसके बारे में जानकारी मिली तो बच्चों के साथ अभिभावकों में निराशा छा गई। क्योंकि, फिर बच्चों को उतनी तैयारी के साथ परीक्षा में बैठना होगा। इसके बा भी पेपर कैसा आएगा, इसका कोई अंदाजा नहीं है। वहीं, अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कुछ बच्चों और अभिभावकों से बात हुई तो उन्होंने चिंता जाहिर की है।
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बोले परीक्षार्थी
सारी तैयारी के साथ नीट का पेपर दिया था। परीक्षा रद्द होने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। आगे क्या होगा समझ में नहीं आ रहा है। सरकार मानसिक प्रताड़ना कर रही है। यह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।
काजल त्रिपाठी, नीट परीक्षार्थी
मैंने शिवपति इंटर काॅलेज शोहरतगढ़ में नीट की परीक्षा दिया था। पेपर बढ़िया हुआ था। उम्मीद थी कि अच्छा रैंक आएगा और अच्छे कॉलेज में प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन, निरस्त होने से अब फिर नए सिरे से मेहनत करनी पड़ेगी।
उल्फात खान, अकरहरा
मैंने केंद्रीय विद्यालय सिद्धार्थनगर में पेपर दिया था। काफी मेहनत की थी। पेपर भी बढ़िया हुआ था। परीक्षा निरस्त होने से निराश हूं, लेकिन फिर मेहनत करुंगा और बेहतर परीणाम आएंगे।
- फैसल हबीब, औदही कलां