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Siddharthnagar News: शाम में रोस्टर के नाम पर कटौती, उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल
Mon, 27 Jul 2026 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:18 AM IST
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घोसियारी। बांसी खैरटिया पावर हाउस क्षेत्र में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती और रोस्टरिंग से उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि शाम होते ही रोस्टर के नाम पर कई-कई घंटे बिजली काट दी जाती है जबकि यही वह समय होता है, जब लोगों को सबसे अधिक बिजली की आवश्यकता होती है।
बारिश थमने के साथ ही गर्मी और उमस बढ़ गई है। इसके साथ ही बिजली भी दगा दे रही है। शाम होते ही कटौती शुरू हो जाती है। बांसी क्षेत्र के रिउना, घोसियारी सहित अन्य गांव के लोगों का कहना है कि उमस भरी गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। बिजली कटौती के कारण पेयजल आपूर्ति, पंखे, कूलर और अन्य जरूरी घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
क्षेत्र के लक्ष्मी कांत तिवारी, भोला मिश्र, डब्बू मिश्र, जवाहरलाल, शिवकुमार प्रधान, बनारसी, पप्पू मिश्र टिकरी आदि ग्रामीणों का आरोप है कि कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है और न ही पूर्व में सूचना ही दी जाती। इससे उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि रोस्टर के नाम पर मनमाने ढंग से बिजली काटी जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की कि अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और यदि रोस्टरिंग आवश्यक हो तो उसका समय पहले से सार्वजनिक किया जाए ताकि उपभोक्ता अपनी दैनिक दिनचर्या उसी के अनुसार व्यवस्थित कर सकें। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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बारिश थमने के साथ ही गर्मी और उमस बढ़ गई है। इसके साथ ही बिजली भी दगा दे रही है। शाम होते ही कटौती शुरू हो जाती है। बांसी क्षेत्र के रिउना, घोसियारी सहित अन्य गांव के लोगों का कहना है कि उमस भरी गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। बिजली कटौती के कारण पेयजल आपूर्ति, पंखे, कूलर और अन्य जरूरी घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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क्षेत्र के लक्ष्मी कांत तिवारी, भोला मिश्र, डब्बू मिश्र, जवाहरलाल, शिवकुमार प्रधान, बनारसी, पप्पू मिश्र टिकरी आदि ग्रामीणों का आरोप है कि कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है और न ही पूर्व में सूचना ही दी जाती। इससे उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि रोस्टर के नाम पर मनमाने ढंग से बिजली काटी जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की कि अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और यदि रोस्टरिंग आवश्यक हो तो उसका समय पहले से सार्वजनिक किया जाए ताकि उपभोक्ता अपनी दैनिक दिनचर्या उसी के अनुसार व्यवस्थित कर सकें। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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