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Siddharthnagar News: कपिलवस्तु में 513 दुर्गा मूर्तियां, सुरक्षा में 1920 जवान तैनात
Mon, 19 Oct 2026 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:42 AM IST
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नेपाल के तौलिहवा में स्थापित दुर्गा प्रतिमा। स्रोत विज्ञप्ति
- जिले के 10 स्थानीय निकायों में मूर्तियां स्थापित, पिछले साल के मुकाबले 17 मूर्तियां अधिक
- कृष्णनगर और महाराजगंज अति संवेदनशील, निगरानी के लिए 277 सीसीटीवी कैमरे और 64 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात
खुनुवां। नेपाल के सीमावर्ती कपिलवस्तु जिले में विजयादशमी के अवसर पर दुर्गा भगवती की 513 मूर्तियां सार्वजनिक दर्शन के लिए स्थापित की गई हैं। जिले के सभी 10 स्थानीय निकायों में स्थापित मूर्तियों के दर्शन-पूजन के लिए गांवों से लेकर शहरों तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पिछले वर्ष जिले में 496 मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इस बार इनकी संख्या में 17 की वृद्धि हुई है। त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार, दुर्गा भगवती द्वारा राक्षस शुंभ और निशुंभ के वध के प्रतीक के रूप में मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। घटस्थापना और नवरात्र की सप्तमी तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मूर्तियां सार्वजनिक दर्शन के लिए निकाली गईं। जिले में रात के समय मूर्तियों के दर्शन और पूजा की विशेष परंपरा है। तौलिहवा के चौक बाजार में बागेश्वरी युवा ग्रुप ने 13 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की है। ग्रुप के अध्यक्ष अनुप गुप्ता के अनुसार, करीब एक लाख रुपये की लागत वाली प्रतिमा भारत के गोरखपुर से लाई गई है।
जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, कपिलवस्तु नगरपालिका में सर्वाधिक 96 मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा कृष्णनगर में 86, बुद्धभूमि में 68, यशोधरा में 55, महाराजगंज में 44, शिवराज में 38, शुद्धोधन में 36, मायादेवी में 28 और बाणगंगा में 24 मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
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कृष्णनगर और महाराजगंज अति संवेदनशील
मूर्तियों के दर्शन और विसर्जन के दौरान भीड़ और संभावित घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा योजना लागू की है। पुलिस अधीक्षक मनोहर भट्ट के अनुसार, कृष्णनगर और महाराजगंज को अति संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए सुरक्षा रणनीति तैयार की गई है। कृष्णनगर में पूर्व में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक घटना होने के कारण नगर प्रमुख रजत प्रताप शाह के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर भी समिति गठित की गई है।
64 क्विक रिस्पॉन्स टीमें बनीं
जिले में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 1920 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा निगरानी के लिए 64 क्विक रिस्पॉन्स टीमें, 277 सीसीटीवी कैमरे और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद ली जा रही है। प्रमुख जिला अधिकारी तोय नारायण सुबेदी ने बताया कि त्योहार के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, स्थापित मूर्तियों का विसर्जन 20 से 26 अक्तूबर तक किया जाएगा।
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- कृष्णनगर और महाराजगंज अति संवेदनशील, निगरानी के लिए 277 सीसीटीवी कैमरे और 64 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात
खुनुवां। नेपाल के सीमावर्ती कपिलवस्तु जिले में विजयादशमी के अवसर पर दुर्गा भगवती की 513 मूर्तियां सार्वजनिक दर्शन के लिए स्थापित की गई हैं। जिले के सभी 10 स्थानीय निकायों में स्थापित मूर्तियों के दर्शन-पूजन के लिए गांवों से लेकर शहरों तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पिछले वर्ष जिले में 496 मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इस बार इनकी संख्या में 17 की वृद्धि हुई है। त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार, दुर्गा भगवती द्वारा राक्षस शुंभ और निशुंभ के वध के प्रतीक के रूप में मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। घटस्थापना और नवरात्र की सप्तमी तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मूर्तियां सार्वजनिक दर्शन के लिए निकाली गईं। जिले में रात के समय मूर्तियों के दर्शन और पूजा की विशेष परंपरा है। तौलिहवा के चौक बाजार में बागेश्वरी युवा ग्रुप ने 13 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की है। ग्रुप के अध्यक्ष अनुप गुप्ता के अनुसार, करीब एक लाख रुपये की लागत वाली प्रतिमा भारत के गोरखपुर से लाई गई है।
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जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, कपिलवस्तु नगरपालिका में सर्वाधिक 96 मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा कृष्णनगर में 86, बुद्धभूमि में 68, यशोधरा में 55, महाराजगंज में 44, शिवराज में 38, शुद्धोधन में 36, मायादेवी में 28 और बाणगंगा में 24 मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
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कृष्णनगर और महाराजगंज अति संवेदनशील
मूर्तियों के दर्शन और विसर्जन के दौरान भीड़ और संभावित घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा योजना लागू की है। पुलिस अधीक्षक मनोहर भट्ट के अनुसार, कृष्णनगर और महाराजगंज को अति संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए सुरक्षा रणनीति तैयार की गई है। कृष्णनगर में पूर्व में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक घटना होने के कारण नगर प्रमुख रजत प्रताप शाह के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर भी समिति गठित की गई है।
64 क्विक रिस्पॉन्स टीमें बनीं
जिले में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 1920 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा निगरानी के लिए 64 क्विक रिस्पॉन्स टीमें, 277 सीसीटीवी कैमरे और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद ली जा रही है। प्रमुख जिला अधिकारी तोय नारायण सुबेदी ने बताया कि त्योहार के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, स्थापित मूर्तियों का विसर्जन 20 से 26 अक्तूबर तक किया जाएगा।