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Siddharthnagar News: अधूरा निर्माण... बाढ़ में बह न जाएं सुरक्षा व सुविधा के अरमान

संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 01 Jun 2026 02:04 AM IST
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Unfinished construction... Hopes of safety and convenience not flooded
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सिद्धार्थनगर। बरसात का मौसम करीब आने के साथ मानसून की आहट से लोग सहमे हुए हैं। एनएच-730 पर 8.50 किमी लंबे उसका बाईपास का निर्माण अधूरा होने से उन्हें फिर बाढ़ का डर सताने लगा है।

जिम्मेदारों का दावा है कि उसका-लखनापार बांध के पास बन रहे इस बाईपास के निर्माण से उसका कस्बे के बड़े हिस्से को बाढ़ से सुरक्षा और सुविधा दोनों मिलेगी और इसका निर्माण बरसात से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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वहीं, लोगों का कहना है कि अभी सिर्फ मिट्टी पटाई का काम ही चल रहा है, मानसून की दस्तक होने में महज 15 दिन बचे हैं। ऐसे में बाईपास का निर्माण पूरा न होने से न सिर्फ एक बार फिर बाढ़ से जूझना पड़ेगा बल्कि बाढ़ आने के बाद निर्माण में लग रहे लाखों रुपये बर्बाद भी होने की आशंका बढ़ गई है।
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एनएच-730 पर 500 करोड़ रुपये लागत से महराजगंज सीमा से उसका बाजार और शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही उसका बाजार में 8.5 किमी लंबे फोरलेन बाईपास का भी निर्माण होना है।
यह बाईपास उसका बाजार कस्बे के दक्षिण की तरफ से गुजरेगा जबकि इसी तरफ से ही बूढ़ी राप्ती नदी भी बहती है। ऐसे में आने वाले बाढ़ से बचाव के लिए उसका-लखनापार बांध का निर्माण कराया जा रहा है।
नगर पंचायत उसका के सेखुईयां मोहल्ले के पास पांच सौ मीटर हिस्सा बूढ़ी राप्ती नदी और बांध के बीच बनाया जा रहा है। अगर काम समय से पूरा हो जाता है तो मदनपुर से बांध तक चार किमी लंबे बाईपास का निर्माण हो जाने से बाढ़ के समय पानी की तेज धार से उसका कस्बे की सुरक्षा होगी। निचली भूमि पर मिट्टी पटाई कर ऊंचे बाईपास के निर्माण से कस्बे के दक्षिणी हिस्से में रानीगंज, मधुरी आदि मोहल्ले की आबादी को बाढ़ से दोहरी सुरक्षा मिलेगी।
मगर वर्तमान में स्थिति यह है कि अभी यहां मिट्टी पटाई का काम चल रहा है। बाढ़ आती है तो मिट्टी को साथ बहा ले जाएगी, ऐसे में मुश्किल साथ ही बाईपास में जगह-जगह पुलिया और एक जगह रेगुलेटर का भी निर्माण भी कराया जा रहा है।
मानसून का सीजन 15 जून से माना जाता है। ऐसे में इसे पूरा करने के लिए विभाग के पास महज 15 दिन का समय शेष है। हालांकि, बरसात से पहले पुल, पुलिया और रेगुलेटर निर्माण कार्य पूरा होने की कम उम्मीद है।
विभाग का दावा है कि बाईपास के लिए पटी मिट्टी से बाढ़ के समय बांध और कस्बा की सुरक्षा बढ़ जाएगी। सेखुई निवासी शैलेंद्र यादव, घुघुलिया निवासी पप्पू यादव ने कहा कि बाईपास निर्माण पूरा होने पर आवागमन दुरूस्त होने के साथ ही बाढ़ से बचाव भी होगा लेकिन अगर काम पूरा नहीं हुआ तो एक बार फिर लोगों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ेगा।
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