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Siddharthnagar News: 12 घंटे में डेढ़ मीटर बढ़ा बूढ़ी राप्ती का जलस्तर

Mon, 17 Aug 2026 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 17 Aug 2026 11:52 PM IST
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Water level of Budhi Rapti rose by 1.5 meters in 12 hours.
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। नेपाल समेत जिले में एक दिन की बारिश से बूढ़ी राप्ती और राप्ती समेत अन्य नदियों के जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा है। रविवार को बूढ़ी राप्ती के जलस्तर में 12 घंटे में करीब डेढ़ मीटर बढ़त दर्ज की गई।
वहीं, शाम से सोमवार सुबह तक मात्र 12 घंटे में राप्ती के जलस्तर में 40 सेंटीमीटर से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। कूड़ा, घोघी और बानगंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। रविवार से राप्ती के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण बाढ़ की आशंका में सहमे हुए हैं।
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नेपाल के पहाड़ों और जिले में रविवार से हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी है। रविवार शाम को राप्ती नदी का जलस्तर जहां 82.21 मीटर था, वहीं सोमवार सुबह 40 सेंटीमीटर बढ़कर 82.61 मीटर पर पहुंच गया। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से आसपास के गांवों के लोगों में दहशत है।
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वहीं, बाढ़ से डुमरियागंज क्षेत्र में लोगों के खेत, सड़क और पेड़ पर खतरा मंडराने लगा है। सोमवार सुबह आठ बजे बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर 80.430 मीटर पर था लेकिन शाम चार बजे तक 81.760 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि उसका जलस्तर खतरे के निशान 85.650 मीटर से नीचे है लेकिन तेजी से हो रही बढ़ोतरी के चलते नदी किनारे पर कटान का खतरा बढ़ गया है।
उसका क्षेत्र के हथिवड़ताल के टोला तिवारीडीह के पास बूढ़ी राप्ती नदी के कटान से गांव के लोग सहमे हुए हैं। बानगंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से भी नदी किनारे कटान का खतरा है। इसी तरह कूड़ा नदी के जलस्तर में भी मात्र रातभर में ही 30 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कूड़ा व घोघी नदियों के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी जारी है।
बता दें कि कुछ दिन पहले बानगंगा नदी के कटान से शोहरतगढ़ क्षेत्र के नौडिहवा गांव में नदी किनारे लगा हाईटेंशन बिजली का पोल कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया था। साथ ही कटान से नौडिहवा गांव के पास नदी पर बने पुल के एप्रोच मार्ग पर भी खतरा मंडराने लगा था। पीड़ितों का कहना है कि अगर कटान से पुल के एप्रोच के नीचे की मिट्टी गिरी तो खतरा बढ़ जाएगा।
कटान से मुख्य सड़क का अस्तित्व खतरे में : शाहपुर। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव का राजस्व गांव कोहल चक में राप्ती नदी हर वर्ष तांडव मचाती है। गांव तक आवागमन के लिए बनी सड़क और पुलिया नदी की जद में है। इससे आधी सड़क नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो-तीन वर्षों से राप्ती नदी की दिशा बदली और कटान करते-करते गांव के समीप पहुंच गई। कटान से बचाव के लिए लोगों ने तहसील प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार मांग कर चुके हैं फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
अधूरा बांध ग्रामीणों के लिए मुसीबत : शाहपुर। शाहपुर से भोजपुर बांध का निर्माण अभी भी अधूरा है। राप्ती नदी उफनाई तो रमवापुर उर्फ नेबुआ, धनोहरा, पेंडारी मुस्तहकम, बगहवा, मछिया, खूरपहवा, धनोहरी, सिरसिया आदि गांवों में फिर तबाही मचाएगी। राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर ग्रामीणों में बाढ़ का डर सता रहा है।

ग्रामीण विजय कुमार, संतोष श्रीवास्तव, रामपाल यादव, मनोज पांडेय ने कहा शाहपुर से भोजपुर बांध निर्माण कार्य अधूरा है। बाढ़ आई तो फसल डूबने से नष्ट होगा ही, साथ ही घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ेगा।
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