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Sitapur News: छह माह से शून्य प्रसव वाली आशा कार्यकर्ताओं पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 12 May 2026 11:37 PM IST
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सीतापुर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्त रफ्तार और लक्ष्य प्राप्ति में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन आशा कार्यकर्ताओं ने पिछले छह महीनों में एक भी प्रसव (डिलीवरी) नहीं कराया है, उन्हें चिह्नित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का ग्राफ उम्मीद के मुताबिक नहीं है। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ब्लॉक में ऐसी आशा बहुओं की सूची तैयार करें जिनका रिपोर्ट कार्ड शून्य है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा हर गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध कराना है, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करें। बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और हॉस्पिटल मैनेजर को जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और मरीजों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड और टीकाकरण पर जोर
योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और इसमें तेजी लाने को कहा। साथ ही, आयुष्मान आरोग्य मंदिरो के सुचारू संचालन और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण सत्र से पहले परची का वितरण अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़े। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का ग्राफ उम्मीद के मुताबिक नहीं है। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ब्लॉक में ऐसी आशा बहुओं की सूची तैयार करें जिनका रिपोर्ट कार्ड शून्य है।
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उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा हर गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध कराना है, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करें। बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और हॉस्पिटल मैनेजर को जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और मरीजों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड और टीकाकरण पर जोर
योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और इसमें तेजी लाने को कहा। साथ ही, आयुष्मान आरोग्य मंदिरो के सुचारू संचालन और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण सत्र से पहले परची का वितरण अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़े। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।