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Sitapur News: 41 दिन से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, घेरा उपकेंद्र
Wed, 12 Aug 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:25 AM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
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मिश्रिख। क्षेत्र के भिठौली गांव में 41 दिन से बिजली संकट बना हुआ है। अधिक लोड के कारण अब तक पांच ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज करीब 40-45 ग्रामीणों ने मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिश्रिख पावर हाउस पहुंचकर घेराव किया और नारेबाजी की।
ग्रामीणों के अनुसार गांव का ट्रांसफार्मर करीब 41 दिन पहले फुंक गया था। इसके बाद विभाग ने पांच बार नया ट्रांसफार्मर लगाया, लेकिन अधिक लोड के कारण हर बार कुछ ही देर में ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते शाम होते ही पूरे गांव में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली संकट के कारण घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
मंगलवार को ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से पावर हाउस पहुंचे और बिजली बहाल होने तक वहां से नहीं हटने की बात कही। संदीप कुमार, पप्पू सिंह और ग्राम प्रशासक दाताराम ने बताया कि गांव में बिजली का लोड अधिक है। इसके बावजूद अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग पर विभाग ने ध्यान नहीं दिया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज करीब 40-45 ग्रामीणों ने मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिश्रिख पावर हाउस पहुंचकर घेराव किया और नारेबाजी की।
ग्रामीणों के अनुसार गांव का ट्रांसफार्मर करीब 41 दिन पहले फुंक गया था। इसके बाद विभाग ने पांच बार नया ट्रांसफार्मर लगाया, लेकिन अधिक लोड के कारण हर बार कुछ ही देर में ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते शाम होते ही पूरे गांव में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली संकट के कारण घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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मंगलवार को ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से पावर हाउस पहुंचे और बिजली बहाल होने तक वहां से नहीं हटने की बात कही। संदीप कुमार, पप्पू सिंह और ग्राम प्रशासक दाताराम ने बताया कि गांव में बिजली का लोड अधिक है। इसके बावजूद अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग पर विभाग ने ध्यान नहीं दिया।
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