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Sitapur News: धूल भरी गर्म हवा के थपेड़ों ने किया बेहाल, उमस ने भी सताया
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 May 2026 11:51 PM IST
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कड़ी धूप में दुपट्टा ओढ़ती युवती। - संवाद
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सीतापुर। जिले में रविवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। सुबह आठ बजे से चिलचिलाती धूप बदन झुलसाने लगी। दोपहर में तपिश के साथ गर्म हवा के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित हो गया। पंखे व कूलर की हवा भी राहत देने में नाकाम साबित हुई। भीषण गर्मी देर रात तक लोगों का पसीना छुड़ाती रही। अधिकतम तापमान उछलकर 40 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। शनिवार की तुलना में अधिकतम व न्यूनतम पारा एक-एक डिग्री ऊपर चढ़ा है। मौसम विशेषज्ञों ने इस सप्ताह पारे में उछाल के साथ गर्मी का प्रकोप और बढ़ने का पूर्वानुमान जारी किया है।
ज्येष्ठ की तपिश हर दिन तल्ख होती जा रही है। रविवार सुबह सूरज निकलते ही तमतमाने लगा। तपिश बदन झुलसने का एहसास कराने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज भी तल्ख होता रहा। गर्मी के तीखे तेवर देख दोपहर के समय लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। इससे शहर की सड़कें सूनी नजर आईं। बेहद जरूरी काम से जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वो छांव तलाश कर भीषण गर्मी से राहत पाने का जतन करते नजर आए।
शहर के बहुगुणा चौराहे पर पेड़ की छांव में बैठे महेश ने बताया कि निजी काम से आए थे। काम दोपहर दो बजे निपट गया लेकिन झुलसा देने पर आमादा चिलचिलाती धूप देख निकलने की हिम्मत नहीं हुई। अब धूप की तल्खी कम होने पर घर लौटेंगे। यहां शिकंजी के ठेले पर चार-पांच लोग खड़े दिखाई दिए। याकूब ने बताया कि कुछ दूर चलते ही गला सूखने लगता है। ऐसे में नींबू पानी, शिकंजी या जलजीरा इत्यादि शीतल पेय पदार्थ ही राहत देते हैं। यहां खड़े लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी से शीतल पेय पदार्थों की बिक्री करने वालों की बहार है। राहगीर प्यास से गला सूखने पर नींबू पानी, आम का पना, शिकंजी, बेल का शर्बत, गन्ने का रस आदि का सेवन करते हैं। गर्मी का आलम यह रहा कि सूरज ढलने के बाद भी उमस सताती रही। वहीं, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
तेज धूप में बाहर निकलने से बचें
इन दिनों लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। चिकित्सकों के मुताबिक, तेज धूप व लू से बचाव ही बीमारी से बचने का उपाय है। जिला अस्पताल के डॉ. अनुपम मिश्र के मुताबिक तेज धूप व लू के प्रकोप से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। उल्टी, दस्त और शरीर में पानी कम होने जैसे रोग बढ़ने का खतरा रहता हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को दिन में अधिक से अधिक साफ और स्वच्छ पानी पिलाकर व लू से बचाकर ही इन रोगों से बचा जा सकता है। इसके अलावा धूप व लू की चपेट में आकर सामान्य व्यक्ति को चक्कर आने, तेज बुखार, डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। निकलना जरूरी है तो सिर को ढंककर रखें। आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं। पानी खूब पिएं। इसके बाद भी कोई परेशानी महसूस होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
ज्येष्ठ की तपिश हर दिन तल्ख होती जा रही है। रविवार सुबह सूरज निकलते ही तमतमाने लगा। तपिश बदन झुलसने का एहसास कराने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज भी तल्ख होता रहा। गर्मी के तीखे तेवर देख दोपहर के समय लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। इससे शहर की सड़कें सूनी नजर आईं। बेहद जरूरी काम से जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वो छांव तलाश कर भीषण गर्मी से राहत पाने का जतन करते नजर आए।
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शहर के बहुगुणा चौराहे पर पेड़ की छांव में बैठे महेश ने बताया कि निजी काम से आए थे। काम दोपहर दो बजे निपट गया लेकिन झुलसा देने पर आमादा चिलचिलाती धूप देख निकलने की हिम्मत नहीं हुई। अब धूप की तल्खी कम होने पर घर लौटेंगे। यहां शिकंजी के ठेले पर चार-पांच लोग खड़े दिखाई दिए। याकूब ने बताया कि कुछ दूर चलते ही गला सूखने लगता है। ऐसे में नींबू पानी, शिकंजी या जलजीरा इत्यादि शीतल पेय पदार्थ ही राहत देते हैं। यहां खड़े लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी से शीतल पेय पदार्थों की बिक्री करने वालों की बहार है। राहगीर प्यास से गला सूखने पर नींबू पानी, आम का पना, शिकंजी, बेल का शर्बत, गन्ने का रस आदि का सेवन करते हैं। गर्मी का आलम यह रहा कि सूरज ढलने के बाद भी उमस सताती रही। वहीं, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
तेज धूप में बाहर निकलने से बचें
इन दिनों लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। चिकित्सकों के मुताबिक, तेज धूप व लू से बचाव ही बीमारी से बचने का उपाय है। जिला अस्पताल के डॉ. अनुपम मिश्र के मुताबिक तेज धूप व लू के प्रकोप से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। उल्टी, दस्त और शरीर में पानी कम होने जैसे रोग बढ़ने का खतरा रहता हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को दिन में अधिक से अधिक साफ और स्वच्छ पानी पिलाकर व लू से बचाकर ही इन रोगों से बचा जा सकता है। इसके अलावा धूप व लू की चपेट में आकर सामान्य व्यक्ति को चक्कर आने, तेज बुखार, डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। निकलना जरूरी है तो सिर को ढंककर रखें। आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं। पानी खूब पिएं। इसके बाद भी कोई परेशानी महसूस होने पर चिकित्सक की सलाह लें।