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Sitapur News: कटका में 20 लाख रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 May 2026 11:51 PM IST
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हरगांव। विकासखंड हरगांव की ग्राम पंचायत कटका के प्रधान और पंचायत सचिव पर करीब 20 लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगा है। सिकटिया मजरा कटका निवासी श्रीकांत त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि ग्राम पंचायत में बिना कार्य कराए ही रुपये निकाले गए हैं।
शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यय के नाम पर 19,500 रुपये निकाले गए लेकिन जीपीएस पर किसी अन्य खड़ंजा निर्माण की तस्वीरें अपलोड की गईं। इसी तरह राजेश के घर से मिथुन के घर तक खड़ंजा निर्माण के लिए 64,449 रुपये निकाले गए जबकि मौके पर कार्य नहीं हुआ। अर्जुन के घर से काली सड़क तक नाली निर्माण के लिए 44,550 रुपये निकाले गए। यह कार्य भी नहीं कराया गया। कुएं से उदयराज के मकान तक नाली निर्माण के नाम पर 1,00,980 रुपये निकाले गए। मगर नाली नहीं बनी। पंचायत भवन में पंखे, बल्ब और लाइट के लिए 9,500 रुपये और कंप्यूटर, फर्नीचर और अलमारी के लिए 1,55,000 रुपये आहरित किए गए। हालांकि, पंचायत भवन में केवल एक अलमारी और एक कंप्यूटर ही मौजूद है।
काली सड़क से डुबकी तालाब तक खड़ंजा मरम्मत के नाम पर 1,37,390 रुपये खर्च किए। मगर यह कार्य पूर्व प्रधान राजेश कुमार के कार्यकाल में कराया गया। कोई मरम्मत भी नहीं हुई। पंचायत भवन में लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 32,200 रुपये खर्च होना दिखाया गया है। मगर लाइब्रेरी नहीं है। कटका में सामुदायिक शौचालय की मरम्मत के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया गया। हथूरी विद्यालय में दिव्यांग शौचालय और मरम्मत के लिए 14,40,995 रुपये का गबन किया गया। विद्यालय की बाउंड्रीवॉल भी अधूरी है और मिट्टी भराई का कोई काम नहीं हुआ। त्रिपाठी के मकान से काली सड़क तक नाली निर्माण के नाम पर 85,000 रुपये निकाले गए जबकि यह नाली पीडब्ल्यूडी द्वारा 170 मीटर तक पहले ही बनवाई जा चुकी है।
दो अफसरों को दी गई जांच
कटका ग्राम पंचायत की कई शिकायतें आई हैं। जेई लघु सिंचाई संजय कुमार सिंह और एडीओ पंचायत जय प्रकाश वर्मा को जांच सौंपी गई है। यदि शिकायत सही मिलती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
विवेक मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी
शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यय के नाम पर 19,500 रुपये निकाले गए लेकिन जीपीएस पर किसी अन्य खड़ंजा निर्माण की तस्वीरें अपलोड की गईं। इसी तरह राजेश के घर से मिथुन के घर तक खड़ंजा निर्माण के लिए 64,449 रुपये निकाले गए जबकि मौके पर कार्य नहीं हुआ। अर्जुन के घर से काली सड़क तक नाली निर्माण के लिए 44,550 रुपये निकाले गए। यह कार्य भी नहीं कराया गया। कुएं से उदयराज के मकान तक नाली निर्माण के नाम पर 1,00,980 रुपये निकाले गए। मगर नाली नहीं बनी। पंचायत भवन में पंखे, बल्ब और लाइट के लिए 9,500 रुपये और कंप्यूटर, फर्नीचर और अलमारी के लिए 1,55,000 रुपये आहरित किए गए। हालांकि, पंचायत भवन में केवल एक अलमारी और एक कंप्यूटर ही मौजूद है।
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काली सड़क से डुबकी तालाब तक खड़ंजा मरम्मत के नाम पर 1,37,390 रुपये खर्च किए। मगर यह कार्य पूर्व प्रधान राजेश कुमार के कार्यकाल में कराया गया। कोई मरम्मत भी नहीं हुई। पंचायत भवन में लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 32,200 रुपये खर्च होना दिखाया गया है। मगर लाइब्रेरी नहीं है। कटका में सामुदायिक शौचालय की मरम्मत के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया गया। हथूरी विद्यालय में दिव्यांग शौचालय और मरम्मत के लिए 14,40,995 रुपये का गबन किया गया। विद्यालय की बाउंड्रीवॉल भी अधूरी है और मिट्टी भराई का कोई काम नहीं हुआ। त्रिपाठी के मकान से काली सड़क तक नाली निर्माण के नाम पर 85,000 रुपये निकाले गए जबकि यह नाली पीडब्ल्यूडी द्वारा 170 मीटर तक पहले ही बनवाई जा चुकी है।
दो अफसरों को दी गई जांच
कटका ग्राम पंचायत की कई शिकायतें आई हैं। जेई लघु सिंचाई संजय कुमार सिंह और एडीओ पंचायत जय प्रकाश वर्मा को जांच सौंपी गई है। यदि शिकायत सही मिलती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
विवेक मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी