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Sitapur News: 20 को राष्ट्रव्यापी बंद में शामिल होंगे सीतापुर के दवा व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 May 2026 11:55 PM IST
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सीतापुर। केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन सीतापुर ने ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बंद को सफल बनाने की अपील की है। सरकार से ऑनलाइन फार्मेसी और कॉरर्पोरेट कंपनियों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापार बचाने का नहीं बल्कि जन स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा का भी सवाल है। अध्यक्ष गोपाल टंडन ने कहा कि देशभर के करीब 12.40 लाख केमिस्ट और दवा वितरक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ई फार्मेसी प्लेटफार्म बिना पर्याप्त सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
महामंत्री बसंत गोयल ने कहा कि एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार उपयोग, एआई आधारित फर्जी पर्चों के माध्यम से एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की उपलब्धता जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। उपाध्यक्ष शैलेश महेंद्र ने कहा कि बड़ी कॉरर्पोरेट कंपनियां भारी छूट देकर छोटे और मध्यम दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर रही हैं। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापार बचाने का नहीं बल्कि जन स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा का भी सवाल है। अध्यक्ष गोपाल टंडन ने कहा कि देशभर के करीब 12.40 लाख केमिस्ट और दवा वितरक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ई फार्मेसी प्लेटफार्म बिना पर्याप्त सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
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महामंत्री बसंत गोयल ने कहा कि एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार उपयोग, एआई आधारित फर्जी पर्चों के माध्यम से एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की उपलब्धता जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। उपाध्यक्ष शैलेश महेंद्र ने कहा कि बड़ी कॉरर्पोरेट कंपनियां भारी छूट देकर छोटे और मध्यम दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर रही हैं। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।