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Sitapur News: सरयू में उफान से तीन गांवों में बाढ़
Fri, 07 Aug 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:06 AM IST
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रामपुर मथुरा इलाके में उच्च प्राथमिक विद्यालय अखरी परिसर में भरा बाढ़ का पानी - संवाद
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रामपुर मथुरा/रेउसा। बारिश और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी का असर गांजर इलाके में दिखने लगा है। सरयू का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती तीन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के रास्तों पर पानी भर गया है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। लगभग 430 बीघा फसलें पानी में डूब गई हैं। करीब 40 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बृहस्पतिवार को 30 सेमी के इजाफे के साथ सरयू नदी का जलस्तर 118.50 मीटर पर पहुंच गया। पानी खतरे के निशान 119 मीटर से सिर्फ 50 सेंटीमीटर नीचे है। शारदा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 135 मीटर पर पहुंच गया है। पानी खतरे के निशान 135.49 मीटर से सिर्फ 49 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, बैराजों से बृहस्पतिवार को 3.64 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
रामपुर मथुरा इलाके में सरयू नदी उफनाने से लहरों ने आबादी का रुख कर लिया है। तटवर्ती नगेश्वरपुरवा, प्यारेपुरवा व बाबाकुटी गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों के आसपास पानी भर रहा है। प्यारेपुरवा निवासी बेलदार, कैलाश, भजन, गजराज, फूलचंद व सत्यवान ने बताया कि उनके घरों के चारों ओर बाढ़ का पानी भर चुका है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी घरों के अंदर प्रवेश कर जाएगा। ऐसी स्थिति में उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
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झगटूपुरवा, बुचऊपुरवा और नागेश्वरपुरवा का संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इन गांवों तक आने-जाने के लिए ग्रामीणों को बांकेघाट और कंधई घाट पर नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। अखरी, मिश्रणपुरवा, सुंदरपुरवा, बक्शीपुरवा, नागेश्वर पुरवा, बचऊपुरवा, निरंजनपुरवा, बलेसरपुरवा, अंगरौरा समेत करीब 20 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बाढ़ का पानी खेतों में फैलने से करीब 230 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में दहशत है। महमूदाबाद एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी व तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को अखरी गांव का निरीक्षण किया। ग्रामीणों व बाढ़ टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
वहीं, रेउसा इलाके में उफनाई सरयू का पानी बाहर निकलने लगा है। तटवर्ती करीब 200 बीघा फसलें डूब गई हैं। चहलारी घाट पर कांवड़ियों के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग बाढ़ की चपेट में आ गई है। नदी से लगभग 200 मीटर दूर स्थित त्यागी महाराज की कुटी के करीब पानी पहुंच गया है। म्योड़ीछोलहा, श्रीरामपुरवा, दुर्गापुरवा, मरेली, गोड़ियनपुरवा समेत 20
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बृहस्पतिवार को 30 सेमी के इजाफे के साथ सरयू नदी का जलस्तर 118.50 मीटर पर पहुंच गया। पानी खतरे के निशान 119 मीटर से सिर्फ 50 सेंटीमीटर नीचे है। शारदा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 135 मीटर पर पहुंच गया है। पानी खतरे के निशान 135.49 मीटर से सिर्फ 49 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, बैराजों से बृहस्पतिवार को 3.64 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने पर हालात बेकाबू हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
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रामपुर मथुरा इलाके में सरयू नदी उफनाने से लहरों ने आबादी का रुख कर लिया है। तटवर्ती नगेश्वरपुरवा, प्यारेपुरवा व बाबाकुटी गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों के आसपास पानी भर रहा है। प्यारेपुरवा निवासी बेलदार, कैलाश, भजन, गजराज, फूलचंद व सत्यवान ने बताया कि उनके घरों के चारों ओर बाढ़ का पानी भर चुका है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी घरों के अंदर प्रवेश कर जाएगा। ऐसी स्थिति में उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
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झगटूपुरवा, बुचऊपुरवा और नागेश्वरपुरवा का संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इन गांवों तक आने-जाने के लिए ग्रामीणों को बांकेघाट और कंधई घाट पर नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। अखरी, मिश्रणपुरवा, सुंदरपुरवा, बक्शीपुरवा, नागेश्वर पुरवा, बचऊपुरवा, निरंजनपुरवा, बलेसरपुरवा, अंगरौरा समेत करीब 20 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बाढ़ का पानी खेतों में फैलने से करीब 230 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में दहशत है। महमूदाबाद एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी व तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को अखरी गांव का निरीक्षण किया। ग्रामीणों व बाढ़ टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
वहीं, रेउसा इलाके में उफनाई सरयू का पानी बाहर निकलने लगा है। तटवर्ती करीब 200 बीघा फसलें डूब गई हैं। चहलारी घाट पर कांवड़ियों के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग बाढ़ की चपेट में आ गई है। नदी से लगभग 200 मीटर दूर स्थित त्यागी महाराज की कुटी के करीब पानी पहुंच गया है। म्योड़ीछोलहा, श्रीरामपुरवा, दुर्गापुरवा, मरेली, गोड़ियनपुरवा समेत 20