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Sitapur News: बारिश के कारण नहीं मिले बाघिन के पगचिह्न
Fri, 07 Aug 2026 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:01 AM IST
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संदना। किसान कमल किशोर की जान लेने वाली बाघिन इलाके में ही घूम रही है, लेकिन वन विभाग की पकड़ से दूर है। बृहस्पतिवार को लगातार हुई बारिश के कारण वन विभाग को कहीं भी बाघिन के ताजा पगचिह्न भी नहीं मिले। बारिश से संभावित क्षेत्रों में बने पुराने निशान भी धुल जाने के कारण उसकी लोकेशन का पता लगाने में कठिनाई हुई। इसके बावजूद वन विभाग की टीम लगातार कॉम्बिंग करती रही। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
क्षेत्र के कई गांवों में बाघिन की दहशत है। कुडरीपुरवा निवासी रामकिशन ने बताया कि जब से खेतों की तरफ बाघिन के पगचिह्न मिले हैं, उधर जाने से डर लगने लगा है। बच्चों पर भी हर समय नजर रखनी पड़ती है कि वे कहीं खेतों की ओर न चले जाएं। पूरे गांव में लोग डर के माहौल में जीवन बिता रहे हैं।
मधवापुर निवासी राजा सिंह ने बताया कि जानवरों के लिए चारा लेने खेतों तक जाना मुश्किल हो गया है। डर के कारण लोग पहले की तरह खेतों में नहीं जा पा रहे हैं, जिससे पशुओं के लिए पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा।
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मिश्रिख वन विभाग की टीम के साथ दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ और बाघ ट्रैकर सर्च अभियान में जुटे हुए हैं। ट्रैप व ड्रोन कैमरों, मचान और अन्य संसाधनों से बाघिन की तलाश जारी है। बहरहाल, लगातार 22 दिन से चल रहे रेस्क्यू अभियान के बावजूद बाघिन वन विभाग की पकड़ से बाहर है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही सर्च ऑपरेशन और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों से सतर्क रहने व पगचिह्न मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।
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क्षेत्र के कई गांवों में बाघिन की दहशत है। कुडरीपुरवा निवासी रामकिशन ने बताया कि जब से खेतों की तरफ बाघिन के पगचिह्न मिले हैं, उधर जाने से डर लगने लगा है। बच्चों पर भी हर समय नजर रखनी पड़ती है कि वे कहीं खेतों की ओर न चले जाएं। पूरे गांव में लोग डर के माहौल में जीवन बिता रहे हैं।
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मधवापुर निवासी राजा सिंह ने बताया कि जानवरों के लिए चारा लेने खेतों तक जाना मुश्किल हो गया है। डर के कारण लोग पहले की तरह खेतों में नहीं जा पा रहे हैं, जिससे पशुओं के लिए पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा।
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मिश्रिख वन विभाग की टीम के साथ दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ और बाघ ट्रैकर सर्च अभियान में जुटे हुए हैं। ट्रैप व ड्रोन कैमरों, मचान और अन्य संसाधनों से बाघिन की तलाश जारी है। बहरहाल, लगातार 22 दिन से चल रहे रेस्क्यू अभियान के बावजूद बाघिन वन विभाग की पकड़ से बाहर है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही सर्च ऑपरेशन और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों से सतर्क रहने व पगचिह्न मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।