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Sitapur News: निजी ब्लड बैंक में लैब टेक्नीशियन की गोली मारकर हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:10 AM IST
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सतीश यादव का फाइल फोटो।
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सीतापुर। कोतवाली देहात की नैपालापुर चौकी से महज सौ मीटर दूर स्थित सरोज चैरिटेबल ब्लड बैंक में बृहस्पतिवार देर रात लैब टेक्नीशियन सतीश यादव (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ब्लड बैंक संचालक डाॅ. सीतांशु सिंह चौहान के भाई शिवेश सिंह चौहान ने रिटायर्ड पुलिसकर्मी पिता राजकुमार सिंह चौहान के लाइसेंसी रिवॉल्वर से सतीश को तीन गोलियां मारीं। हालांकि, अब तक कोई वजह नहीं सामने आई है। पुलिस ने शिवेश को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शिवेश के साथ ही उसके पिता व भाई के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की मनोदशा ठीक नहीं है।
आजमगढ़ के तहबरपुर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी सतीश यादव लैब टेक्नीशियन थे। वह नैपालापुर चौकी से पुलिस लाइन मार्ग स्थित डाॅ. सीतांशु सिंह चौहान के सरोज चैरिटेबल ब्लड बैंक में काम करते थे। लैब से ही बृहस्पतिवार देर रात यूपी 112 पर सूचना दी गई कि एक व्यक्ति ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस मौके पर पहुंची तो सतीश का शव लैब के अंदर पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार, तीन गोलियां मारकर सतीश की हत्या की गई है। मौके पर मौजूद शिवेश ने बताया कि उसने ही सतीश की हत्या की है। पुलिस ने लैब को सील करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि सतीश को लाइसेंसी रिवाॅल्वर से गोली मारी गई है। यह रिवॉल्वर शिवेश के पिता राजकुमार सिंह चौहान के नाम पर है, जो कि पुलिस विभाग में स्टेनो के पद पर तैनात थे। मृतक के भाई विनोद यादव की तहरीर पर शिवेश सिंह चौहान, उसके भाई डाॅ. सीतांशु सिंह चौहान व पिता राजकुमार सिंह चौहान के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सीओ सदर नेहा त्रिपाठी ने बताया कि जांच में निकलकर आया है कि लैब संचालक के भाई ने ही लैब टेक्नीशियन की हत्या की है। आरोपी दिमाग की गंभीर बीमारियों (सीजोफ्रेनिया) व (बाइपोलर डिसऑर्डर) से ग्रसित है। लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच की जा रही है। -
आरोपी ने खुद ही पुलिस को किया फोन
पुलिस के अनुसार, रात में करीब 01:50 बजे यूपी 112 को आरोपी ने फोन करके बताया कि एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी सोफे पर बैठा मिला। पुलिस ने सतीश का शव देखा तो उसके तीन गोलियां लगी थीं। इससे स्पष्ट हो गया कि मामला आत्महत्या नहीं हत्या का है। फिर आरोपी शिवेश ने खुद ही पुलिस को बता दिया कि उसने ही सतीश को गोलियां मारी हैं। मृतक के साले ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस से घटनास्थल के सीसीटीवी देखने की बात कही, तो उनको बताया गया कि लैब में लगे कैमरे खराब हैं।
गाना गाया, फिर आराम से सो गया शिवेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी शिवेश जब कोतवाली लाया गया तो उसकी हरकतें सामान्य नहीं थीं। वह पुलिसकर्मियों से बार-बार सवाल जवाब कर रहा था। इसके बाद वह गाना गाने लगा। फिर आराम से वहां सो गया। वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि आरोपी राजकुमार सिंह चौहान सिर्फ अपने पुत्र को बचाने के लिए यह कहानी बना रहे हैं। जब शिवेश की मनोदशा ठीक नहीं है तो घरवालों ने उसका विवाह क्यों कराया। साथ ही उसे आम जगह पर ऐसे क्यों जाने देते थे, जहां उसे नहीं जाना चाहिए।
सूटकेस तोड़ निकाला रिवॉल्वर, दौड़ाकर मारी गोली
इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि लैब नीचे है और ऊपर की मंजिल पर आरोपी व उसके परिजन रहते हैं। मौके पर एक पुराना सूटकेस मिला, जिसे तोड़कर आरोपी ने उसमें से रिवॉल्वर निकाला था। सूटकेस के साइड का कुछ हिस्सा जला हुआ भी था। मौके पर फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। ऐसा लग रहा है कि आरोपी ने दौड़ाकर सतीश को गोली मारी है। एक गोली सतीश के हाथ, दूसरी सीने और तीसरी सिर में लगी है। घटना के समय आरोपी के पिता भी घर में ही थे। उन्होंने ही घायल हालत में सतीश को अस्पताल पहुंचाया था।
दो साल पहले हुआ था विवाह
मृतक के साले सुशील यादव के अनुसार दो साल पहले सतीश यादव का विवाह उनकी बहन हेमलता से हुआ था। सतीश के एक पुत्र लविश यादव है। घटना की खबर सुबह करीब सात बजे परिजनों को मिली। सुशील ने बताया कि सतीश अपने काम को अधिक महत्व देते थे। इसलिए वह अपनी ससुराल और घर भी बहुत कम जाते थे। उन्होंने आशंका जताई है कि रुपयों के लेनदेन या किसी अन्य वजह से उनके जीजा की हत्या की गई है।
साझेदारी में चल रहा था ब्लड बैंक
मृतक के भाई विनोद के अनुसार सतीश करीब छह साल से डॉ. सीतांशु के बॉम्बे चैरिटेबल ब्लड बैंक लखनऊ में काम कर रहे थे। सीतांशु ने सतीश के साथ 50 प्रतिशत की साझेदारी करके सीतापुर में सरोज चैरिटेबल ब्लड सेंटर खोला था। पिछले वर्ष दस मई को इस ब्लड बैंक का उद्घाटन हुआ था। विनोद का आरोप है कि रुपयों के लेनदेन को लेकर आरोपियों ने सतीश से विवाद शुरू कर दिया था। यह बात उन्होंने परिवार को बताई थी। साझेदारी के विवाद में ही सतीश की हत्या की गई है।
कमर में गोली फंसने की आशंका
शुक्रवार रात आठ बजे तक सतीश का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। सूत्र बताते हैं कि एक्सरे रिपोर्ट में एक गोली कमर में फंसी हुई पाई गई है। इसके अलावा कोई अन्य गोली नहीं फंसी है। हालांकि तीन राउंड हुई फायरिंग में एक गोली सिर में लगने की आशंका है, जो कि छूकर निकली है। इसके अलावा जो गोली पैर में लगी है वह या तो पार हो गई या फिर छूते हुए निकल गई है।
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आजमगढ़ के तहबरपुर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी सतीश यादव लैब टेक्नीशियन थे। वह नैपालापुर चौकी से पुलिस लाइन मार्ग स्थित डाॅ. सीतांशु सिंह चौहान के सरोज चैरिटेबल ब्लड बैंक में काम करते थे। लैब से ही बृहस्पतिवार देर रात यूपी 112 पर सूचना दी गई कि एक व्यक्ति ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस मौके पर पहुंची तो सतीश का शव लैब के अंदर पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार, तीन गोलियां मारकर सतीश की हत्या की गई है। मौके पर मौजूद शिवेश ने बताया कि उसने ही सतीश की हत्या की है। पुलिस ने लैब को सील करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि सतीश को लाइसेंसी रिवाॅल्वर से गोली मारी गई है। यह रिवॉल्वर शिवेश के पिता राजकुमार सिंह चौहान के नाम पर है, जो कि पुलिस विभाग में स्टेनो के पद पर तैनात थे। मृतक के भाई विनोद यादव की तहरीर पर शिवेश सिंह चौहान, उसके भाई डाॅ. सीतांशु सिंह चौहान व पिता राजकुमार सिंह चौहान के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सीओ सदर नेहा त्रिपाठी ने बताया कि जांच में निकलकर आया है कि लैब संचालक के भाई ने ही लैब टेक्नीशियन की हत्या की है। आरोपी दिमाग की गंभीर बीमारियों (सीजोफ्रेनिया) व (बाइपोलर डिसऑर्डर) से ग्रसित है। लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच की जा रही है। -
आरोपी ने खुद ही पुलिस को किया फोन
पुलिस के अनुसार, रात में करीब 01:50 बजे यूपी 112 को आरोपी ने फोन करके बताया कि एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी सोफे पर बैठा मिला। पुलिस ने सतीश का शव देखा तो उसके तीन गोलियां लगी थीं। इससे स्पष्ट हो गया कि मामला आत्महत्या नहीं हत्या का है। फिर आरोपी शिवेश ने खुद ही पुलिस को बता दिया कि उसने ही सतीश को गोलियां मारी हैं। मृतक के साले ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस से घटनास्थल के सीसीटीवी देखने की बात कही, तो उनको बताया गया कि लैब में लगे कैमरे खराब हैं।
गाना गाया, फिर आराम से सो गया शिवेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी शिवेश जब कोतवाली लाया गया तो उसकी हरकतें सामान्य नहीं थीं। वह पुलिसकर्मियों से बार-बार सवाल जवाब कर रहा था। इसके बाद वह गाना गाने लगा। फिर आराम से वहां सो गया। वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि आरोपी राजकुमार सिंह चौहान सिर्फ अपने पुत्र को बचाने के लिए यह कहानी बना रहे हैं। जब शिवेश की मनोदशा ठीक नहीं है तो घरवालों ने उसका विवाह क्यों कराया। साथ ही उसे आम जगह पर ऐसे क्यों जाने देते थे, जहां उसे नहीं जाना चाहिए।
सूटकेस तोड़ निकाला रिवॉल्वर, दौड़ाकर मारी गोली
इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि लैब नीचे है और ऊपर की मंजिल पर आरोपी व उसके परिजन रहते हैं। मौके पर एक पुराना सूटकेस मिला, जिसे तोड़कर आरोपी ने उसमें से रिवॉल्वर निकाला था। सूटकेस के साइड का कुछ हिस्सा जला हुआ भी था। मौके पर फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। ऐसा लग रहा है कि आरोपी ने दौड़ाकर सतीश को गोली मारी है। एक गोली सतीश के हाथ, दूसरी सीने और तीसरी सिर में लगी है। घटना के समय आरोपी के पिता भी घर में ही थे। उन्होंने ही घायल हालत में सतीश को अस्पताल पहुंचाया था।
दो साल पहले हुआ था विवाह
मृतक के साले सुशील यादव के अनुसार दो साल पहले सतीश यादव का विवाह उनकी बहन हेमलता से हुआ था। सतीश के एक पुत्र लविश यादव है। घटना की खबर सुबह करीब सात बजे परिजनों को मिली। सुशील ने बताया कि सतीश अपने काम को अधिक महत्व देते थे। इसलिए वह अपनी ससुराल और घर भी बहुत कम जाते थे। उन्होंने आशंका जताई है कि रुपयों के लेनदेन या किसी अन्य वजह से उनके जीजा की हत्या की गई है।
साझेदारी में चल रहा था ब्लड बैंक
मृतक के भाई विनोद के अनुसार सतीश करीब छह साल से डॉ. सीतांशु के बॉम्बे चैरिटेबल ब्लड बैंक लखनऊ में काम कर रहे थे। सीतांशु ने सतीश के साथ 50 प्रतिशत की साझेदारी करके सीतापुर में सरोज चैरिटेबल ब्लड सेंटर खोला था। पिछले वर्ष दस मई को इस ब्लड बैंक का उद्घाटन हुआ था। विनोद का आरोप है कि रुपयों के लेनदेन को लेकर आरोपियों ने सतीश से विवाद शुरू कर दिया था। यह बात उन्होंने परिवार को बताई थी। साझेदारी के विवाद में ही सतीश की हत्या की गई है।
कमर में गोली फंसने की आशंका
शुक्रवार रात आठ बजे तक सतीश का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। सूत्र बताते हैं कि एक्सरे रिपोर्ट में एक गोली कमर में फंसी हुई पाई गई है। इसके अलावा कोई अन्य गोली नहीं फंसी है। हालांकि तीन राउंड हुई फायरिंग में एक गोली सिर में लगने की आशंका है, जो कि छूकर निकली है। इसके अलावा जो गोली पैर में लगी है वह या तो पार हो गई या फिर छूते हुए निकल गई है।