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Sitapur News: बमौसम बारिश ने भट्ठा संचालकों को लगाई डेढ़ करोड़ की चपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:05 AM IST
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लहरपुर क्षेत्र में बारिश से हुए जलभराव से भींगी भट्टे की कच्चे ईंटे। संवाद
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लहरपुर (सीतापुर)। बेमौसम बारिश ने ईंट भट्ठा कारोबारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कच्ची ईंटों की पथाई का काम ठप हो जाने से भट्ठा संचालकों को करीब डेढ़ करोड़ की चपत लगी है। तहसील क्षेत्र में संचालित 40 से अधिक भट्ठों पर पाथी गई कच्ची ईंटें बारिश में गलकर मिट्टी में मिल गई हैं। इससे ईंट भट्ठा संचालक मायूस हैं।
ईंट भट्ठों पर मिट्टी से कच्ची ईंटों की पथाई के बाद इन्हें पका कर ईंट की बिक्री होती है। बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश से ईंट भट्ठों पर पाथकर रखी गईं कच्ची ईंटें गलकर फिर से मिट्टी में तब्दील हो गई। लहरपुर तहसील इलाके में संचालित 40 से अधिक ईंट भट्ठों पर गर्मी की शुरुआत के साथ ईंटों की पथाई का काम रफ्तार पकड़ लेता है। इसके चलते लाखों की संख्या में कच्ची ईंटें पाथकर भट्ठों पर रखी गई थीं। भट्ठा संचालक नसरुद्दीन व बबलू ने बताया कि ईंट की पथाई वाली जगह पर जलभराव होने से फिलहाल काम बाधित है। पाथकर रखी गईं ईंटें बारिश से गलकर मिट्टी में तब्दील हो गई हैं। एक भट्ठे पर करीब चार से पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हाजी रईस व हाजी इसरार ने बताया कि बेमौसम बारिश ने ईंट भट्ठा संचालकों की कमर तोड़ दी है। कई ईंट भट्ठे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। पथाई का काम बंद होने से मजदूरों का रोजगार भी छिन गया है।
ईंटों का भाव बढ़ने के संकेत
कच्ची ईंटों का नुकसान होने से अब दोबारा पथाई करानी पड़ेगी। इससे लागत बढ़ जाएगी। ईंट भट्ठा संचालकों की मानें तो पककर तैयार ईंट का भाव बढ़ाना उनकी मजबूरी होगा। इससे अपना आशियाना बनाने का सपना भी महंगा हो जाएगा।
उठाई मुआवजा देने की मांग
बेमौसम बारिश के कारण ईट भट्ठा संचालकों को भारी नुकसान पहुंचा है। कच्ची ईंटों की दोबारा पथाई करानी से लागत भी बढ़ेगी। ऐसे में जिला ईंट उद्योग के अध्यक्ष हाजी कमालुद्दीन ने ईंट भट्ठों पर हुए नुकसान का आकलन कर संचालकों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग भी प्रदेश सरकार से की है।
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ईंट भट्ठों पर मिट्टी से कच्ची ईंटों की पथाई के बाद इन्हें पका कर ईंट की बिक्री होती है। बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश से ईंट भट्ठों पर पाथकर रखी गईं कच्ची ईंटें गलकर फिर से मिट्टी में तब्दील हो गई। लहरपुर तहसील इलाके में संचालित 40 से अधिक ईंट भट्ठों पर गर्मी की शुरुआत के साथ ईंटों की पथाई का काम रफ्तार पकड़ लेता है। इसके चलते लाखों की संख्या में कच्ची ईंटें पाथकर भट्ठों पर रखी गई थीं। भट्ठा संचालक नसरुद्दीन व बबलू ने बताया कि ईंट की पथाई वाली जगह पर जलभराव होने से फिलहाल काम बाधित है। पाथकर रखी गईं ईंटें बारिश से गलकर मिट्टी में तब्दील हो गई हैं। एक भट्ठे पर करीब चार से पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हाजी रईस व हाजी इसरार ने बताया कि बेमौसम बारिश ने ईंट भट्ठा संचालकों की कमर तोड़ दी है। कई ईंट भट्ठे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। पथाई का काम बंद होने से मजदूरों का रोजगार भी छिन गया है।
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ईंटों का भाव बढ़ने के संकेत
कच्ची ईंटों का नुकसान होने से अब दोबारा पथाई करानी पड़ेगी। इससे लागत बढ़ जाएगी। ईंट भट्ठा संचालकों की मानें तो पककर तैयार ईंट का भाव बढ़ाना उनकी मजबूरी होगा। इससे अपना आशियाना बनाने का सपना भी महंगा हो जाएगा।
उठाई मुआवजा देने की मांग
बेमौसम बारिश के कारण ईट भट्ठा संचालकों को भारी नुकसान पहुंचा है। कच्ची ईंटों की दोबारा पथाई करानी से लागत भी बढ़ेगी। ऐसे में जिला ईंट उद्योग के अध्यक्ष हाजी कमालुद्दीन ने ईंट भट्ठों पर हुए नुकसान का आकलन कर संचालकों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग भी प्रदेश सरकार से की है।