सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Mansi's family refuses to perform last rites, protests

Sitapur News: मानसी के परिजनों का अंतिम संस्कार से इन्कार, प्रदर्शन

संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sun, 07 Jun 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
Mansi's family refuses to perform last rites, protests
संदना में मानसी के शव के अवशेष लेकर जाते परिजन। संवाद
संदना। कस्बा निवासी छात्रा मानसी की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने रविवार को अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजन मुआवजे व अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। करीब दो घंटे तक हंगामे व प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन

हत्या आरोपी विशाल की गिरफ्तारी के बाद शनिवार रात मानसी के शव के अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए। रविवार दोपहर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की निगरानी में परिजन शव के अवशेष गोद में लेकर सुंदरानंद आश्रम के पास स्थित खेत तक पहुंचे। जहां जेसीबी से कब्र खुदवाई गई। इसके बाद परिजनों ने शव के अवशेष दफन कर दिए। मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव भी परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात करते हुए सांत्वना दी।
विज्ञापन

बता दें कि 25 मई को मानसी लापता हो गई थीं। उनके पिता ने विशाल व उसकी बहन के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार के बख्शी का तालाब में देवरई कला गांव के पास प्लाॅट में मानसी का शव मिला था। पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार किया था। साक्ष्य संकलन के दौरान विशाल ने भागने के इरादे से एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर फायरिंग कर दी थी। इसके बाद मुठभेड़ में विशाल के पैर में गोली लग गई थी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी विशाल ने बताया था कि मानसी उसकी प्रेमिका थी। वह गर्भवती हो गई थी और शादी की जिद कर रही थी। इसी बात को लेकर विवाद होने पर उसने मानसी की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

थानाध्यक्ष मानपाल सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से परिजनों को आठ लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने पर सहमति बनी है। यह राशि दो किस्तों में प्रदान की जाएगी।
डीएनए रिपोर्ट का इंतजार
मानसी हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में लोगों के बीच लगातार चर्चा हो रही है। शव की स्थिति को देखते हुए कई लोग डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद शव की पहचान और मामले से जुड़े कई पहलुओं पर पूरी तरह स्पष्टता हो सकेगी। हालांकि परिजनों ने कपड़ों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शव की पहचान मानसी के रूप में की है।
पुलिस की कार्यशैली पर पिता ने उठाए सवाल
सीतापुर। संदना के मानसी हत्याकांड में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। मुख्य आरोपी सरैंया निवासी विशाल 27 मई को ही पुलिस की गिरफ्त में आ गया था। इसके बावजूद पुलिस को सच उगलवाने में नौ दिन लग गए। हत्यारोपी के कबूलनामे के बाद छह जून को पुलिस ने लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके से मानसी के शव के अवशेष बरामद किए थे।
मानसी के पिता महेश कुमार ने संदना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महेश के अनुसार उन्होंने 25 मई को मानसी (20) के लापता होने की पुलिस को सूचना दी। साथ ही आरोपी विशाल व उसकी बहन को नामजद करते हुए तहरीर दी। मगर पुलिस ने तहरीर बदलने का दबाव बनाया। फिर एसपी से शिकायत करने पर 28 मई को पुलिस ने विशाल व उसकी बहन के विरुद्ध अपहरण की एफआईआर दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने 26 मई को विशाल के भाई रिंकू से संपर्क किया था। आरक्षी ने रिंकू के मोबाइल से विशाल से बात की थी। इसके बाद 27 मई को विशाल पुलिस के सामने हाजिर हुआ था। विशाल के भाई रिंकू ने इस बात की पुष्टि की है कि विशाल 27 मई से पुलिस के पास ही था।
पीड़ित पिता का कहना है कि आरोपी के कस्टडी में होने के बावजूद नौ दिन बाद पुलिस सच उजागर कर पाई। उन्होंने इस मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। सीओ बृजेश कुमार ने बताया कि हमने इस हत्याकांड में हर पहलू की गहनता से छानबीन की। आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Install AU App

Followed