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Sitapur News: संरक्षण के लिए प्रगतिशील किसान चला रहे देसी बीज बैंक

Mon, 26 Oct 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 26 Oct 2026 12:29 AM IST
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Progressive farmers are running indigenous seed banks for conservation.
सीतापुर। गांजरी क्षेत्र के रेउसा ब्लॉक में प्रगतिशील किसान देसी बीजों के संरक्षण और उनके प्रसार में जुटे हैं। उन्होंने इसके लिए देसी बीज बैंक संचालित किया है। इसके माध्यम से किसानों को पारंपरिक बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 12 राज्यों के किसानों तक बीज पहुंचाए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य देसी बीजों को संरक्षित करने के साथ किसानों तक उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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आर्गेनिक विलेज सिकौहा के निवासी श्वेतांक त्रिपाठी देसी बीजों को सहेजने के लिए दूसरे किसानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बीज बैंक के माध्यम से विभिन्न पारंपरिक किस्मों के बीजों को सुरक्षित रखने और जरूरतमंद किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को खेती के लिए देसी बीज उपलब्ध हो पा रहे हैं।
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खेती में बीजों की विविधता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। समय के साथ कई पारंपरिक किस्मों का इस्तेमाल कम होने से उनके लुप्त होने का खतरा रहता है। ऐसे में देसी बीजों का संरक्षण जरूरी हो जाता है। बीज बैंक से बीज प्राप्त कर किसान अपनी जरूरत के अनुसार उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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एक किलो लेकर लौटाने होते हैं तीन किलो बीज
संचालित देसी बीज बैंक से किसानों को एक किलो देसी बीज निशुल्क दिया जाता है। फसल तैयार होने के बाद किसानों से तीन किलो बीज वापस लिया जाता है। इसमें एक किलो बीज बैंक में संरक्षित किया जाता है, जबकि एक किलो बीज दूसरे किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था से देसी बीजों का संरक्षण करने के साथ अधिक से अधिक किसानों तक उन्हें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

12 राज्यों तक पहुंचाए गए देसी बीज

श्वेतांक ने बताया कि देसी बीज बैंक के माध्यम से अब तक हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब, बिहार, दिल्ली, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत 12 राज्यों के किसानों को बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक बीजों को संरक्षित करना और किसानों तक उनकी पहुंच बनाए रखना है।
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