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Sitapur News: सिस्टम की सुस्ती ने भूसी में दफन कर दीं तीन जिंदगियां
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:44 AM IST
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सीतापुर। यह महज सड़क हादसा नहीं, सिस्टम की सुस्ती का परिणाम है। जिम्मेदारों की लापरवाही ने धान की भूसी में रविवार शाम तीन जिंदगियों को दफन कर दिया।
धान की भूसी लेकर जा रहे ट्रक के बॉडी में व्यापक बदलाव किया गया है। अधिक भूसी लोड करने के लिए चौड़ाई के साथ ही लंबाई भी बढ़ाई गई है। भूसी को प्लास्टिक की बोरियों से तैयार तिरपाल में भरने से ट्रक की ऊंचाई भी मानक से अधिक हो गई। इस कारण अचानक मोड़ने से ट्रक का संतुलन बिगड़ा और वह बगल से गुजर रहे मैजिक वाहन पर पलट गया।
हादसे में मैजिक सवारों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। देखते ही देखते तीनों युवक धान की भूसी में दब गए। वह निकलने की कोशिश करते या फिर बाहर से मदद मिलती, उससे पहले ही सभी की सांसें थम गईं।
स्थानीय अनुप के अनुसार ट्रक बिसवा से रेउसा की ओर जा रहा था। इस बीच रास्ते में पुलिस के चेकपोस्ट मिले होंगे। पुलिस थाने पड़े होंगे। एआरटीओ का दस्ता मिला होगा। लेकिन इनमें से किसी ने भी ट्रक को नहीं रोका। चालक मनमानी करते हुए ओवरलोड ट्रक को लेकर आगे बढ़ता गया। अगर उसे समय रहते ही जिम्मेदारों ने रोक लिया होता तो यह हादसा नहीं होता।
पुलिस सूत्रों के अनुसार धान की भूसी को ढोने के लिए ट्रक की बॉडी को मॉडिफाई कराया गया है। ट्रक की भार क्षमता बढ़ाने के लिए लोहे के ऊंचे एंगिल लगाए गए हैं। लंबाई के साथ ही चौड़ाई भी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही ट्रक की ऊंचाई को पांच फीट तक बढ़ाया गया है। भूसी को तिरपाल के सहारे ट्रक पर लोड किया गया। ट्रक के अनियंत्रित होने में यह भी प्रमुख कारण रहा।
यह तो मनमानी है
ट्रक की बॉडी का मॉडिफिकेशन (लंबाई, चौड़ाई या ऊंचाई बढ़ाना) अवैध है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत वाहन की मूल संरचना में कोई भी बदलाव करना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर भारी जुर्माना, वाहन की जब्ती और आरसी भी निलंबित हो सकती है।
संदीप सिंह, पूर्व एआरटीओ
आज से चलाएंगे अभियान
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी ने कहा कि सोमवार से पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष दस्ते का गठन किया गया है। रविवार को बिजवार व सिधौली में इसी तरह भूसी व अन्य सामान लदे नौ वाहनों का चालान किया गया है।
धान की भूसी लेकर जा रहे ट्रक के बॉडी में व्यापक बदलाव किया गया है। अधिक भूसी लोड करने के लिए चौड़ाई के साथ ही लंबाई भी बढ़ाई गई है। भूसी को प्लास्टिक की बोरियों से तैयार तिरपाल में भरने से ट्रक की ऊंचाई भी मानक से अधिक हो गई। इस कारण अचानक मोड़ने से ट्रक का संतुलन बिगड़ा और वह बगल से गुजर रहे मैजिक वाहन पर पलट गया।
हादसे में मैजिक सवारों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। देखते ही देखते तीनों युवक धान की भूसी में दब गए। वह निकलने की कोशिश करते या फिर बाहर से मदद मिलती, उससे पहले ही सभी की सांसें थम गईं।
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स्थानीय अनुप के अनुसार ट्रक बिसवा से रेउसा की ओर जा रहा था। इस बीच रास्ते में पुलिस के चेकपोस्ट मिले होंगे। पुलिस थाने पड़े होंगे। एआरटीओ का दस्ता मिला होगा। लेकिन इनमें से किसी ने भी ट्रक को नहीं रोका। चालक मनमानी करते हुए ओवरलोड ट्रक को लेकर आगे बढ़ता गया। अगर उसे समय रहते ही जिम्मेदारों ने रोक लिया होता तो यह हादसा नहीं होता।
पुलिस सूत्रों के अनुसार धान की भूसी को ढोने के लिए ट्रक की बॉडी को मॉडिफाई कराया गया है। ट्रक की भार क्षमता बढ़ाने के लिए लोहे के ऊंचे एंगिल लगाए गए हैं। लंबाई के साथ ही चौड़ाई भी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही ट्रक की ऊंचाई को पांच फीट तक बढ़ाया गया है। भूसी को तिरपाल के सहारे ट्रक पर लोड किया गया। ट्रक के अनियंत्रित होने में यह भी प्रमुख कारण रहा।
यह तो मनमानी है
ट्रक की बॉडी का मॉडिफिकेशन (लंबाई, चौड़ाई या ऊंचाई बढ़ाना) अवैध है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत वाहन की मूल संरचना में कोई भी बदलाव करना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर भारी जुर्माना, वाहन की जब्ती और आरसी भी निलंबित हो सकती है।
संदीप सिंह, पूर्व एआरटीओ
आज से चलाएंगे अभियान
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी ने कहा कि सोमवार से पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष दस्ते का गठन किया गया है। रविवार को बिजवार व सिधौली में इसी तरह भूसी व अन्य सामान लदे नौ वाहनों का चालान किया गया है।