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Sitapur News: भवानीपुर में बनेगी प्रदेश की पहली बंजारा टाउनशिप

संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sat, 24 Jan 2026 01:18 AM IST
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The state's first Banjara township will be built in Bhawanipur.
कार्याें का निरीक्षण करते बीडीओ।
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लहरपुर। जिले में एक अनूठी पहल के तहत भवानीपुर में 8,400 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्रदेश की पहली बंजारा टाउनशिप विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के इस विजनरी प्रोजेक्ट का उद्देश्य मंगता घुमंतू प्रजाति के 128 परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें अपनी जमीन और पक्की छत मुहैया कराना है।
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कस्बे के ठठेरी टोला स्थित अग्निशमन केंद्र की भूमि पर ये परिवार पिछले 25 वर्षों से अस्थायी आशियाना बनाकर रह रहे थे। अब इन्हें वहां से विस्थापित कर ब्लॉक मुख्यालय से मात्र दो किमी दूर भवानीपुर में बसाया जाएगा। सभी परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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बीडीओ लहरपुर शैलेंद्र सिंह के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट को मॉडल कॉलोनी के रूप में तैयार किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक परिवार को 27 वर्ग मीटर में बना पक्का घर मिलेगा, जिसमें एक कमरा, रसोई, शौचालय और बरामदा होगा।बच्चों के लिए एक विद्यालय और पार्क बनाया जाएगा। मनरेगा से सड़कों का निर्माण और व्यवस्थित प्लॉटिंग की जा रही है। कॉलोनी में बिजली के लिए अलग ट्रांसफार्मर और पेयजल के लिए दो नल स्थापित किए जाएंगे। जल निकासी के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और कॉलोनी के बीच में एक सुंदर चौराहा भी बनाया जाएगा।

बंजारा परिवारों के 61 बच्चों का होगा स्कूल में दाखिला
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि बंजारा परिवारों के 61 बच्चों को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने के लिए चिह्नित किया गया है। योजना के पहले चरण में 29 जनवरी को एक विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा, जहां इन बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, स्टेशनरी और अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की जाएगी। इन सभी बच्चों का उनकी उम्र के हिसाब से पास के प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराया जाएगा। दूसरे चरण में, जैसे ही टाउनशिप के भीतर विद्यालय बनकर तैयार हो जाएगा, बच्चों को वहीं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

पुरुषों को मिलेगा रोजगार, एसएचजी से जुड़ेंगी महिलाएं
बीडीओ लहरपुर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में इन परिवारों के पुरुष भिक्षा मांगकर अपना गुजारा करते हैं। उन्हें इस दलदल से निकालने के लिए जीरामजी योजना के तहत रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। वहीं, महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।


गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल हैं घुमंतू परिवार
सीतापुर में पिछले 35 वर्षों से रह रहे ये घुमंतू परिवार गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश करते हैं। ये लोग जितनी श्रद्धा से होली और दीपावली मनाते हैं, उतनी ही अकीदत के साथ मुहर्रम पर ताजिया भी निकालते हैं। ये परिवार चुनाव में भी बढ़-चढ़कर मतदान करते हैं। इनके पूर्वज पड़ोसी गांव खपूरा में रहते थे, लेकिन करीब 25 वर्ष पहले वहां लगी एक भीषण आग ने इनका सब कुछ तबाह कर दिया। उस हादसे के बाद ये सभी लहरपुर के ठठेरी टोला में आकर बस गए। आज इनके आधार कार्ड और राशन कार्ड में भी इसी मोहल्ले का पता दर्ज है। वर्तमान में अधिकांश पुरुष भिक्षाटन (भिक्षा मांगकर) और पशुपालन से गुजर-बसर करते हैं। वहीं, महिलाएं पशुओं के लिए चारा जुटाने और खाना पकाने के लिए लकड़ी लाने का कार्य करती हैं। अब कुछ परिवारों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर दिया है। अग्निशमन केंद्र की इस अस्थायी जमीन को छोड़कर ये परिवार जल्द ही अपने नये और स्थायी आशियाने, बंजारा टाउनशिप में शिफ्ट होंगे।

स्थायी आसरा पाने का दिख रहा उत्साह, चहक रहे परिवार
मैं दिव्यांग हूं। मेरा परिवार नई बंजारा कॉलोनी में जाने के लिए बहुत उत्साहित है। मैं खुद तो पढ़-लिख नहीं सका, पर आज अपने बच्चों को स्कूल भेज रहा हूं ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके। वहां हमारा अपना घर होगा और मेरे बच्चों का भविष्य सुंदर होगा यह सोचकर ही मेरा मन खुशी से भर जाता है।
- दीपू

मैं साठ बरस का हो गया हूँ। बुढ़ापे में भी मुझे भिक्षा मांगकर पेट पालना पड़ता है। अब नई कॉलोनी बनने से मेरे जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आएगा। ऐसा लग रहा है मानो बरसों पुराना कोई सपना सच होने जा रहा है।
- खुशीराम

अभी मैं जानवर पालकर अपना गुजारा करती हूं और हमारे कुछ बच्चे स्कूल भी जाने लगे हैं। बंजारा कॉलोनी हमारे लिए सपनों के घर जैसी होगी। इस नयी कॉलोनी की बात सुनकर हम सभी बहुत खुश हैं।
- सुधरी देवी

जल्द ही हमारे परिवार को एक स्थायी ठिकाना मिल जाएगा, यह हमारे लिए बहुत भावुक कर देने वाला पल है। मेरा एक बच्चा है जो पास के ही सरकारी स्कूल में पढ़ता है। पति बाहर मजदूरी करते हैं और भिक्षा मांगकर घर चलाते हैं। हमने घर में बकरी और भैंस भी पाल रखी है। अपना पक्का घर मिलने से हमारा पूरा जीवन सुधर जाएगा।
- ज्ञानवती

मेरी तीन बेटियां हैं, लेकिन गरीबी और असुरक्षा के कारण कोई भी स्कूल नहीं जा पाती। मैं हमेशा उनके भविष्य को लेकर बहुत चिंतित रहती थी। अब जब हमें अपना घर मिलेगा, तो मुझे विश्वास है कि मेरे सारे सपने सच होंगे।
- संतोखी

ले आउट तैयार, जल्द बंजारा परिवारों को मिलेगा उनका अपना घर
हमें 128 बंजारा परिवारों की समस्याओं की जानकारी हुई थी, जिन्हें व्यवस्थित रूप से बसाने के लिए नयी कॉलोनी का ले आउट'''' तैयार कर लिया गया है। लहरपुर के भवानीपुर में निर्माण कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही सभी परिवारों को आवास योजना के लाभ से लाभान्वित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि जल्द ही इन परिवारों को अपना घर मिले, जिससे उनके जीवन में खुशहाली आ सके।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर
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