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UP News: चेक डैम में एक साथ दिखे मगरमच्छ के 35 बच्चे, वन विभाग ने किया रेस्क्यू; सोन नदी में छोड़े गए
Mon, 29 Jun 2026 10:51 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 29 Jun 2026 10:51 AM IST
सार
Sonbhadra News: जुगैल वन रेंज के सेमिया गांव के एक चेक डैम में एक साथ मगरमच्छ के 35 बच्चे दिखे। वन विभाग ने रेस्क्यू और सभी को सोन नदी में छोड़ा।
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दो शिशु मगरमच्छ को हाथ में पकड़े हुए ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जुगैल वन रेंज के सेमिया गांव (छितीरपुरवा टोला) स्थित एक चेक डैम के पानी में रविवार को एक साथ 35 शिशु मगरमच्छ मिले। डैम के पास मगरमच्छ के पांच अंडे भी मिले। डैम में पानी कम होने पर ग्रामीणों ने वहां से कुछ असामान्य आवाजें सुनीं। पास जाकर देखने पर बड़ी संख्या में मगरमच्छ के बच्चे नजर आए।
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ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत वन दारोगा अविनाश सिंह, वन्य जीव रक्षक सौरभ उपाध्याय और पीआरवी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मल्लाह वीरेंद्र साहनी और टिम्मल साहनी के सहयोग से सभी 35 शिशु मगरमच्छ को सावधानीपूर्वक बोरियों में भरा। इसके बाद सोन नदी में छोड़ दिया गया।
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जुगैल वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रजनन काल के दौरान कोई मादा मगरमच्छ यहां अंडे देकर चली गई होगी। अंडों से बच्चे निकलने के बाद वे पानी में आ गए। मौके पर कोई वयस्क मगरमच्छ नहीं मिला है।
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जानिए, कैसे होता है मगरमच्छ का प्रजनन
मगरमच्छ अंडे देने वाला सरीसृप है। मादा मगरमच्छ नदी, तालाब या जलाशयों के किनारे रेत अथवा मिट्टी में घोंसला बनाकर एक बार में सामान्यतः 20 से 80 अंडे देती है। अंडों को वह रेत, मिट्टी या पत्तियों से ढक देती है। लगभग 80 से 90 दिनों में अंडों से बच्चे निकलते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, घोंसले का तापमान ही यह तय करता है कि बच्चे नर होंगे या मादा। अंडों से बाहर निकलने के समय मगरमच्छ के बच्चे विशेष प्रकार की आवाज निकालते हैं, जिसे सुनकर मादा मगरमच्छ घोंसले की मिट्टी हटाकर उन्हें पानी तक पहुंचाने में मदद करती है।