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Varanasi News: आम लदी डीसीएम की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत, बेटा गंभीर; नाराज लोगों ने किया चक्काजाम
Mon, 29 Jun 2026 11:50 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:50 AM IST
सार
Varanasi News: सुद्धिपुर बाईपास पर सोमवार की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। आम लदी डीसीएम की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।
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घटना के बाद रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव
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विस्तार
वाराणसी जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्धिपुर बाईपास पर सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बाबतपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार आम लदी डीसीएम की चपेट में आने से हटिया (बसकडा) निवासी 65 वर्षीय छेदी लाल प्रजापति उर्फ घुरे लाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उनके साथ मौजूद 35 वर्षीय बेटा काशी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुबह 4 बजे रोजी-रोटी के लिए पिता-पुत्र घर से निकले थे।
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कैसे हुआ हादसा
मृतक के भाई भैया लाल ने बताया कि छेदीलाल प्रजापति दुकानों पर मिट्टी के कुल्हड़ बेचने का काम करते थे। रोज की तरह सोमवार सुबह करीब 4:00 बजे वह अपने बेटे काशी के साथ कुल्हड़ लेकर दुकानदारों को देने जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज गति डीसीएम ने उन्हें रौंद दिया।
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तीन महीने में परिवार पर टूटा दूसरा पहाड़
परिजनों ने बताया कि मृतक छेदीलाल के दो बेटे थे। बड़े बेटे बनारसी (45 वर्ष) की तीन महीने पहले ही ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जिनके चार बच्चे हैं। अब इस हादसे में पिता की भी मौत हो गई और दूसरा बेटा काशी गंभीर रूप से घायल है। 10 लोगों के इस परिवार का भरण-पोषण अब कैसे होगा, इसे लेकर पत्नी दुर्गावती और दोनों बहुओं रामवती व आरती समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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ग्रामीणों को समझाते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव
सड़क पर फैली मिट्टी बनी हादसे का कारण, CCTV में कैद हुई घटना
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण सुद्धिपुर चौराहे के पास वीर नगर कॉलोनी निवासी अजीत सिंह के मकान के निर्माण के लिए मुख्य सड़क पर गिराई गई मिट्टी थी। तेज रफ्तार डीसीएम सड़क पर फैली मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसकी चपेट में पिता-पुत्र आ गए। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।
एक करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग पर लोग
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने गिलट बाजार से बाबतपुर मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर एसडीएम नितिन सिंह, एसीपी अपूर्व पांडेय समेत जनपद के कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं। अधिकारी आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटे हैं।
एडीएम सिटी व एसडीएम नितिन सिंह ने परिजनों के साथ इंसाफ और जो सरकारी मुआवजे होते हैं, दिलवाने को कहकर जाम को पूरी तरह से समाप्त करवाया। 9:30 बजे के करीब जाम समाप्त कराया गया। ऐसे में लगभग तीन घंटे पूरी तरह से रोड जाम रहा।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण सुद्धिपुर चौराहे के पास वीर नगर कॉलोनी निवासी अजीत सिंह के मकान के निर्माण के लिए मुख्य सड़क पर गिराई गई मिट्टी थी। तेज रफ्तार डीसीएम सड़क पर फैली मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसकी चपेट में पिता-पुत्र आ गए। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।
एक करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग पर लोग
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने गिलट बाजार से बाबतपुर मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर एसडीएम नितिन सिंह, एसीपी अपूर्व पांडेय समेत जनपद के कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं। अधिकारी आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटे हैं।
एडीएम सिटी व एसडीएम नितिन सिंह ने परिजनों के साथ इंसाफ और जो सरकारी मुआवजे होते हैं, दिलवाने को कहकर जाम को पूरी तरह से समाप्त करवाया। 9:30 बजे के करीब जाम समाप्त कराया गया। ऐसे में लगभग तीन घंटे पूरी तरह से रोड जाम रहा।