{"_id":"69dbe488ee50f86587045fc0","slug":"consignment-of-cough-syrup-seized-in-sonbhadra-linked-to-prayagraj-firm-father-and-son-arrested-sonbhadra-news-c-194-1-son1033-144807-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: प्रयागराज की फर्म से जुड़ी थी सोनभद्र में पकड़ी गई कफ सिरप की खेप, पिता और पुत्र गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: प्रयागराज की फर्म से जुड़ी थी सोनभद्र में पकड़ी गई कफ सिरप की खेप, पिता और पुत्र गिरफ्तार
विज्ञापन
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में कप सीरप तस्करी के आरोपी पिता-पुत्र। संवाद
विज्ञापन
सोनभद्र। कफ सिरप तस्करी करने वाले प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार वर्मा को सोनभद्र एसआईटी (विशेष जांच दल) ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रयागराज में ओम साईं फार्मास्यूटिकल के नाम से दवा फर्म खोलकर कफ तस्करी करते थे। एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के मेरठ रोड पर बनाए गए डिपो के जरिये बड़े पैमाने पर कफ सिरप बांग्लादेश बॉर्डर (अगरतला, त्रिपुरा) भेजे जाने की जानकारी मिली है।
सोनभद्र में 18 अक्तूबर 2025 की रात कफ सिरप लदे जिन दो ट्रकों को पकड़ा गया था। उसमें एक पर लदा माल प्रयागराज की दवा फर्म ओम साईं फार्मास्यूटिकल का था। गाजियाबाद में कार्रवाई के दौरान भी इस फर्म की कई पर्चियां बरामद की गई थीं। आरोपियों को दोपहर बाद स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। पकड़े गए दोनों तस्कर सरगना शुभम के खासे करीबी बताए जा रहे हैं।
सोनभद्र में पकड़े गए कफ सिरप का कनेक्शन वान्या इंटरप्राइजेज नई दिल्ली से जुड़ा पाया गया था। जांच के दौरान यह पता चला कि वान्या इंटरप्राइजेज ने इसे किसी फर्म को आवंटित किया था। इसकी कागजी कोरमपूर्ति करते हुए पूरी खेप त्रिपुरा की राजधानी अगरतला ले जाई जा रही थी। जांच के दौरान जब सोनभद्र एसआईटी ने वान्या इंटरप्राइजेज से विभिन्न फर्मों को दिखाई गई आपूर्ति का रिकार्ड खंगालना शुरू किया तो पता चला कि सोनभद्र में जो दो ट्रक कफ सिरप पकड़ा गया था। उसमें एक ट्रक का पूरा माल प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र में संचालित ओम साईं फार्मास्यूटिकल को आवंटित किया गया था। फर्म के बारे में टीम ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इसका संचालन अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसका पुत्र संस्कार वर्मा कर रहा है। गाजियाबाद में भी वान्या इंंटरप्राइजेज की जो सिरप पकड़ी गई थी उसमें कई पर्चियां इसी फर्म की पाई गईं थीं।
अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी के ग्रुप से जुड़े हुए थे पिता-पुत्र
एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने रविवार की दोपहर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संस्कार वर्मा और उसके पिता विनोद दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त एस्कफ कफ सिरप की बड़ी खेप प्राप्त करते थे और उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में डायवर्ट करते थे। तस्करी का किसी को पता न चलने पाए इसके लिए कफ सिरप को नमकीन/चिप्स की पर्ची के आधार पर कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतल्ला, त्रिपुरा) की ओर भेजा जाता था। एएसपी का दावा है कि पिता-पुत्रों से जुड़ा कफ सिरप तस्करी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के रूप में प्रयोग के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति कर रहा था।
सोनभद्र में पकड़ी गई थी आरोपियों के फर्म की 59,675 शीशियां
एएसपी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों में लदी सिरप की 1,19,675 शीशियां बरामद की गई थी। इसमें एक कंटेनर पर लदी सिरप की 59,675 शीशियां (एस्कफ कफ सिरप) की तस्करी संस्कार और उसके पिता विनोद के जरिये की जा रही थी। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय की अगुवाई वाली टीम रविवार की तड़के प्रयागराज पहुंची। वहां अतरसुइया पुलिस से सहयोग लेते हुए दोनों को को गिरफ्तार किया गया। दोपहर में उन्हें सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया।
Trending Videos
सोनभद्र में 18 अक्तूबर 2025 की रात कफ सिरप लदे जिन दो ट्रकों को पकड़ा गया था। उसमें एक पर लदा माल प्रयागराज की दवा फर्म ओम साईं फार्मास्यूटिकल का था। गाजियाबाद में कार्रवाई के दौरान भी इस फर्म की कई पर्चियां बरामद की गई थीं। आरोपियों को दोपहर बाद स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। पकड़े गए दोनों तस्कर सरगना शुभम के खासे करीबी बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र में पकड़े गए कफ सिरप का कनेक्शन वान्या इंटरप्राइजेज नई दिल्ली से जुड़ा पाया गया था। जांच के दौरान यह पता चला कि वान्या इंटरप्राइजेज ने इसे किसी फर्म को आवंटित किया था। इसकी कागजी कोरमपूर्ति करते हुए पूरी खेप त्रिपुरा की राजधानी अगरतला ले जाई जा रही थी। जांच के दौरान जब सोनभद्र एसआईटी ने वान्या इंटरप्राइजेज से विभिन्न फर्मों को दिखाई गई आपूर्ति का रिकार्ड खंगालना शुरू किया तो पता चला कि सोनभद्र में जो दो ट्रक कफ सिरप पकड़ा गया था। उसमें एक ट्रक का पूरा माल प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र में संचालित ओम साईं फार्मास्यूटिकल को आवंटित किया गया था। फर्म के बारे में टीम ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इसका संचालन अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसका पुत्र संस्कार वर्मा कर रहा है। गाजियाबाद में भी वान्या इंंटरप्राइजेज की जो सिरप पकड़ी गई थी उसमें कई पर्चियां इसी फर्म की पाई गईं थीं।
अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी के ग्रुप से जुड़े हुए थे पिता-पुत्र
एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने रविवार की दोपहर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संस्कार वर्मा और उसके पिता विनोद दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त एस्कफ कफ सिरप की बड़ी खेप प्राप्त करते थे और उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में डायवर्ट करते थे। तस्करी का किसी को पता न चलने पाए इसके लिए कफ सिरप को नमकीन/चिप्स की पर्ची के आधार पर कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतल्ला, त्रिपुरा) की ओर भेजा जाता था। एएसपी का दावा है कि पिता-पुत्रों से जुड़ा कफ सिरप तस्करी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के रूप में प्रयोग के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति कर रहा था।
सोनभद्र में पकड़ी गई थी आरोपियों के फर्म की 59,675 शीशियां
एएसपी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों में लदी सिरप की 1,19,675 शीशियां बरामद की गई थी। इसमें एक कंटेनर पर लदी सिरप की 59,675 शीशियां (एस्कफ कफ सिरप) की तस्करी संस्कार और उसके पिता विनोद के जरिये की जा रही थी। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय की अगुवाई वाली टीम रविवार की तड़के प्रयागराज पहुंची। वहां अतरसुइया पुलिस से सहयोग लेते हुए दोनों को को गिरफ्तार किया गया। दोपहर में उन्हें सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया।