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ओबरा में टला बड़ा हादसा: घाट घूमने पहुंचे 11 लोग, बांध से पानी छोड़े जाने पर फंसे, दो घंटे अटकी रहीं सांसें

अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 23 Jun 2026 01:01 PM IST
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सार

Sonbhadra News: ओबरा में रेणुका घाट पर सोमवार की रात बड़ा हादसा टल गया। यहां घूमने आए 11 पर्यटक बांध से पानी छोड़े जाने से टापू में फंस गए। जानकारी मिलने पर तत्काल रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 

Eleven tourists rescued from river at Renuka Ghat in Obra dam at sonbhadra
टापू में फंसे पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

ओबरा में सेक्टर तीन स्थित रेणुका छठ घाट पर सोमवार शाम बड़ा हादसा टल गया। रेणुका घाट घूमने पहुंचे 11 लोग ओबरा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण बीच धारा में मौजूद टापू पर फंस गए। नदी में लगातार बढ़ते तेज बहाव के कारण उनकी सांसें अटकी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से करीब दो घंटे बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी लोग दिल्ली और ओबरा के निवासी बताए गए हैं। 



क्या है पूरा मामला
दिल्ली से रिश्तेदारी में आए कुछ लोग बच्चों के साथ सोमवार शाम रेणुका छठ घाट घूमने पहुंचे थे। उस समय नदी में पानी का स्तर कम होने के कारण सभी लोग तस्वीरें खींचने और सेल्फी लेने के लिए बीच नदी में बने टापू तक चले गए। इसी दौरान शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच ओबरा डैम से पानी छोड़ दिया गया। 
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कुछ ही मिनटों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और टापू चारों ओर से पानी से घिर गया। किनारे पर मौजूद लोगों ने पानी बढ़ता देख टापू पर फंसे लोगों को आवाज लगाकर बाहर आने को कहा, लेकिन तब तक बहाव काफी तेज हो चुका था। कुछ लोग तो समय रहते बाहर निकल आए, जबकि 11 लोग बीच धारा में ही फंस गए और मदद की गुहार लगाने लगे। 
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सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय ने तत्काल डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने पर रोक लगवाई। इसके बाद भी नदी का बहाव तेज होने के कारण फंसे लोगों को कुछ समय तक टापू पर ही इंतजार करना पड़ा। मौके पर पीआरवी-112, थाना पुलिस और क्राइम इंस्पेक्टर भी पहुंच गए।

जलस्तर कम होने पर नगर पंचायत के सभासद अजीत कनौजिया, स्थानीय युवकों और पुलिस टीम ने संयुक्त प्रयास से सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी के सुरक्षित निकलने पर प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुका छठ घाट पर पहले भी अचानक पानी बढ़ने से कई हादसे हो चुके हैं और लोगों की जान जा चुकी है। 

घाट पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड नहीं होने से लोग कम पानी देखकर नदी में उतर जाते हैं। डैम से पानी छोड़े जाने पर कुछ ही मिनटों में जलस्तर बढ़ जाता है और तेज बहाव के कारण बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाता। लोगों ने घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम की मांग की है।

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