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Sonebhadra News: सर्किल रेट वृद्धि के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
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दुद्धी तहसील में तहसीलदार को ज्ञापन देते अधिवक्ता-संवाद
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दुद्धी। प्रस्तावित सर्किल रेट सूची के विरोध में सोमवार को दुद्धी तहसील के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर तहसीलदार अंजनी गुप्ता के माध्यम से डीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित सूची को वापस लेकर वर्ष 2024 की दरों में आवश्यक संशोधन के बाद ही नई सूची जारी करने की मांग की।
बार अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय, रामपाल जौहरी, प्रेमचंद यादव, नंदलाल अग्रहरि समेत अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि दुद्धी तहसील अनुसूचित जनजाति बाहुल्य एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है। प्रस्तावित सर्कल रेट लागू होने पर नगर पंचायत, अर्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का मूल्यांकन कई गुना तक बढ़ जाएगा, जिससे गरीब और आदिवासी परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
अधिवक्ताओं का आरोप था कि नई रेट सूची तैयार करते समय क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का समुचित अध्ययन नहीं किया गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क किनारे स्थित भूमि का अधिक मूल्यांकन, कृषि भूमि को आवासीय श्रेणी में शामिल करने तथा गैर-कृषि गतिविधियों के आधार पर मूल्य वृद्धि को अव्यवहारिक बताया। ज्ञापन में कहा गया कि तहसील के कई गांव अब भी मुख्य मार्गों से नहीं जुड़े हैं, इसके बावजूद उन्हें उच्च श्रेणी के मूल्यांकन क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित सर्किल रेट लागू किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सिविल बार सचिव अंजनी सिंह, आलोक सिंह, अभिनाथ यादव, सूर्यमणि यादव, पीयूष अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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बार अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय, रामपाल जौहरी, प्रेमचंद यादव, नंदलाल अग्रहरि समेत अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि दुद्धी तहसील अनुसूचित जनजाति बाहुल्य एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है। प्रस्तावित सर्कल रेट लागू होने पर नगर पंचायत, अर्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का मूल्यांकन कई गुना तक बढ़ जाएगा, जिससे गरीब और आदिवासी परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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अधिवक्ताओं का आरोप था कि नई रेट सूची तैयार करते समय क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का समुचित अध्ययन नहीं किया गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क किनारे स्थित भूमि का अधिक मूल्यांकन, कृषि भूमि को आवासीय श्रेणी में शामिल करने तथा गैर-कृषि गतिविधियों के आधार पर मूल्य वृद्धि को अव्यवहारिक बताया। ज्ञापन में कहा गया कि तहसील के कई गांव अब भी मुख्य मार्गों से नहीं जुड़े हैं, इसके बावजूद उन्हें उच्च श्रेणी के मूल्यांकन क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित सर्किल रेट लागू किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सिविल बार सचिव अंजनी सिंह, आलोक सिंह, अभिनाथ यादव, सूर्यमणि यादव, पीयूष अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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