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Sonebhadra News: दिनभर छाए रहे बादल, 12 घंटे में एक डिग्री बढ़ा न्यूनतम तापमान

Fri, 03 Jul 2026 02:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 02:09 AM IST
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Overcast skies prevailed throughout the day; the minimum temperature rose by one degree.
शाम में बरियाघाट में आसमान में छाए बादलों का दृश्य।-संवाद।
जिले में बृहस्पतिवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। न्यूनतम तापमान में 12 घंटे में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। सुबह से ही मौसम में नमी बनी रही और दिन चढ़ने के साथ उमस बढ़ती चली गई। कार्यालयों, बैंकों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में कामकाज करने वाले लोग लगातार पसीना पोंछते दिखे। बाजारों में भी लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस था। किसानों का कहना है कि धान की नर्सरियों और खरीफ की अन्य फसलों के लिए इस समय लगातार बारिश बेहद जरूरी है।
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अभी तक 80 फीसदी किसान नहीं डाल पाए नर्सरी

शेरवां। शेरवां के किसान बंशीधर चतुर्वेदी ने बताया कि रविवार की शाम क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ही बारिश हुई, जिससे केवल उन्हीं किसानों को राहत मिली जिनकी नर्सरी पहले से तैयार थी। कहा कि आषाढ़ मास शुरू हुए चार दिन बीत जाने के बावजूद क्षेत्र के करीब 80 फीसदी किसान अब तक धान की नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। केवल साधन-संपन्न किसान ही सीमित संसाधनों के सहारे नर्सरी तैयार कर सके हैं। किसानों का कहना है कि इस वर्ष कम बारिश की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। सेमरा गांव के किसान रामचंद्र पाल का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए उन्होंने अब तक धान की नर्सरी नहीं डाली है। सरसा गांव के गजाशंकर चौबे ने बताया कि नारायनपुर पंप कैनाल से नहरों में पानी देर से छोड़े जाने के कारण धान की नर्सरी लगाने में विलंब हुआ है। हसौली के प्रगतिशील किसान श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि अहरौरा और जरगो जलाशय तथा नारायनपुर पंप कैनाल की नहरों का जाल होने के बावजूद किसानों को समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। दीपनगर पावर हाउस क्षेत्र में तीन दिन पूर्व आई आंधी बारिश के कारण 10 ट्रांसफाॅर्मर जल गए थे। तीन दिन बीतने के बाद भी ट्रांसफाॅर्मरों को नहीं बदला गया। इससे 10 गांवों के सैकड़ों घरों में अंधेरा है। राहकला में 16 केवीए, कुहकी में 63 व 10 केवीए, ओबराडीह में 10 केवीए, अंतरैला पांडेय में 25 केवीए, ककरद पहौआ में 10 केवीए, राहकला द्वितीय में 25 केवीए, करौदा मलुआ में 25 केवीए तथा समसदिया बस्ती में 10 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर जल गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और विद्युत विभाग 24 घंटे के भीतर जले ट्रांसफाॅर्मर बदलने का दावा कर रहा, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। अवर अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जहां-जहां से शिकायतें प्राप्त हुई हैं, वहां पीआर नंबर जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही सभी जले हुए ट्रांसफाॅर्मरों को बदलकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। इमलिया चट्टी, बुधवार की देर रात आकाशीय बिजली के चपेट में आने से अहरौरा क्षेत्र के मानिकपुर में दो ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे गांव के सैकड़ों घरों में अंधेरा छा गया। ग्रामीणों के मुताबिक अहरौरा विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत पड़ने वाले मानिकपुर गांव में बुधवार शाम को तेज हवा के बाद आकाशीय बिजली गिरने से 63 केवी का व नगर पालिका क्षेत्र के पट्टी कला 10 केवी का ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे सैकड़ों घरों में अंधेरा छा गया है। विद्युत सब स्टेशन अहरौरा के उपखंड अधिकारी संजय यादव व अवर अभियंता पंचधारी सिंह ने कहा कि जल्द ही ट्रांसफाॅर्मर लगवा दिया जाएगा।
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