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Sonebhadra News: दुद्धी में सियासत तेज, सपा ने पत्ते खोले, अब सत्ताधारी दल पर नजर
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दुद्धी विधानसभा सीट के रिक्त घोषित होने के साथ ही उपचुनाव को लेकर सरगर्मी भी तेज हो गई है। सपा ने दिवंगत विधायक के परिवार को ही मैदान में उतारने का एलान कर पत्ते खोल दिए हैं। ऐसे में अब सबकी नजर सत्ताधारी दल पर बनी हुई है, जहां टिकट के लिए घमासान जोरों पर है। उपचुनाव में मामूली अंतर से मात खाने वाले श्रवण सिंह गोंड अपना टिकट पक्का मान रहे हैं तो सहयोगी दल से जुड़े लोग भी सीट पर नए समीकरणों के लिए 2017 की तरह गुल खिलाने में एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। पार्टी की ओर से तीन नामों पर मंथन चल रहा है।
आठ बार के विधायक रहे विजय सिंह गोंड का गत आठ जनवरी को निधन हो गया था। इसके बाद से विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। वर्ष 2027 में होने वाले मुख्य चुनाव से पहले इस सीट को भरने के लिए उपचुनाव की पुरजोर संभावना है। ऐसे संकेत मिलने के साथ ही प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। ईवीएम-वीवी पैट के प्रथम चरण के रैंडमाइजेशन की तारीखें घोषित हो गई हैं। उधर, राजनीतिक दलाें में भी हलचल बढ़ गई है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पिछले दिनों दुद्धी पहुचंकर यह एलान किया था कि विजय सिंह गोंड पार्टी के पुराने धरोहर हैं। उनकी विरासत को संभालने के लिए उपचुनाव में पार्टी परिवार में ही उत्ताधिकारी की तलाश करेगी। दूसरी ओर सत्ताधारी दल ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। उपचुनाव में मामूली अंतर से हार का स्वाद चखने वाले श्रवण सिंह गोंड फिर से मौका मिलने की आस संजोए हुए हैं तो अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार भी कतार में बने हैं। अपना दल-एस के नेता व म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड टिकट की होड़ में हैं। पार्टी वर्ष 2017 की तरह दुद्धी सीट को अपना दल-एस के खाते में लाने की कोशिश में जुटी है। इसके लिए शीघ्र नेताओं के माध्यम से लगातार दबाव भी बनाए हुए हैं। पूर्व विधायक हरिराम चेरो की फिर से लखनऊ पहुंचने की हसरत बरकरार है। वह भी ऐन-केन प्रकारेण विधानसभा पहुंचने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। आमतौर पर उपचुनाव से दूरी बनाने वाली बसपा ने पिछली बार अपना प्रत्याशी भी उतारा था। ऐसे में इस बार भी हाथी पर सवार होने के लिए कई बेताब हैं।
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पांच साल में तीसरी बार होगा दुद्धी सीट पर चुनाव
यूपी विधानसभा की अंतिम सीट दुद्धी हमेशा सुर्खियों में रही है। यह जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित प्रदेश की दो सीटों में से एक है तो सात बार लगातार विजय सिंह की जीत के कारण भी इस सीट चर्चा में रही। इस बार पांच साल की अवधि में तीसरी बार चुनाव को लेकर चर्चा में है। वर्ष 2022 में हुए आम चुनाव में भाजपा के रामदुलार गोंड निर्वाचित हुए, लेकिन नाबालिक से दुष्कर्म में दोषी पाए जाने पर जेल जाने और अयोग्य ठहराने से सीट रिक्त हुई थी। तब उपचुनाव में सपा के विजय सिंह गोंड निर्वाचित हुए। अब विजय सिंह गोंड के निधन से सीट फिर रिक्त हो गई है। एक बार फिर उपचुनाव की तैयारी है।
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पांच साल में तीसरी बार होगा दुद्धी सीट पर चुनाव
यूपी विधानसभा की अंतिम सीट दुद्धी हमेशा सुर्खियों में रही है। यह जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित प्रदेश की दो सीटों में से एक है तो सात बार लगातार विजय सिंह की जीत के कारण भी इस सीट चर्चा में रही। इस बार पांच साल की अवधि में तीसरी बार चुनाव को लेकर चर्चा में है। वर्ष 2022 में हुए आम चुनाव में भाजपा के रामदुलार गोंड निर्वाचित हुए, लेकिन नाबालिक से दुष्कर्म में दोषी पाए जाने पर जेल जाने और अयोग्य ठहराने से सीट रिक्त हुई थी। तब उपचुनाव में सपा के विजय सिंह गोंड निर्वाचित हुए। अब विजय सिंह गोंड के निधन से सीट फिर रिक्त हो गई है। एक बार फिर उपचुनाव की तैयारी है।
